– शिक्षकों की आजीविका, सेवा-सुरक्षा की अपील
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करने के निर्णय के परिपेक्ष्य में मप्र शिक्षक संघ ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से देश के प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर को सौंपा है। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों की आजीविका पर आए संकट से सेवा-सुरक्षा की मांग की है।
सोमवार को मप्र शिक्षक संघ जिला इकाई रायसेन ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से एक ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री के नाम संबोधित संयुक्त कलेक्टर मनोज उपाध्याय को सौंपा। यह ज्ञापन 1 सितम्बर 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को सभी सेवारत शिक्षकों पर अनिवार्य करने संबंधी निर्णय से उत्पन्न गंभीर परिस्थिति के विषय में दिया गया है। इस निर्णय के कारण देशभर के लाखों शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा एवं आजीविका संकट में है। एबीआरएसएम ने देश के प्रधानमंत्री से इस विषय में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। मप्र शिक्षक संघ ने कलेक्टर रायसेन से अनुरोध किया है कि संलग्न ज्ञापन को उचित माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक प्रेषित करने की कष्ट करें। ज्ञापन सौंपने गए संघ के जिला अध्यक्ष गिरीश चंदेल ने बताया कि न्यायालय के इस निर्णय से शिक्षकों में भय का माहौल है तथा वे अपने आपको संकट में महसूस कर रहे हैं ऐंसे में सरकार के हस्तक्षेप की मांग संघ की ओर से की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के जिला अध्यक्ष गिरीश चंदेल, जिला संगठन मंत्री उम्मेद सिंह ठाकुर, सचिव राजेश जोशी, कमलेश बहादुर सिंह, नीरज गौर, मनोज शाक्या, उमा नागवंशी, हरिशंकर धुर्वे, रामकृष्ण रघुवंशी, अश्विनी शर्मा, राजेन्द्र बघेल सहित अनेक लोग शामिल रहे।