शासकीय कार्य में बाधा डाल, दबाब बनाने वालो पर हो कार्यवाही:सिद्धार्थ मलैया
धीरज जॉनसन दमोह
जिले के ग्राम भाट खमरिया में चल रहे सड़क मरम्मत हेतु मिट्टी खनन के कार्य को अनावश्यक दबाव बनाकर और भीड़ तंत्र का सहारा लेकर रुकवाया गया उक्त मामले में सड़क मरम्मत का कार्य कर रही कंपनी द्वारा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर शासकीय कार्य आदेश के पालन में किये जा रहे निर्माण कार्य का बल पूर्वक विरोध किये जाने, आवेदक की कंपनी के प्रति मिथ्या आक्षेप लगाये जाने एवं पुलिस तथा प्रशासन पर दबाव बनाकर कार्य रूकवाये जाने अनावेदक गण के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने एवं मामला पंजीबद्ध किये जाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया।
उक्त जानकारी देते हुए सिद्धार्थ मलैया ने बताया कि आवेदन में जिक्र किया गया कि मैं वरूण परसरामपुरिया पिता बिहारी लाल परसरापुरिया निवासी विजय ऑयल मिल परिसर थाना कोतवाली जिला दमोह ने निवेदन किया कि अर्जुन निर्माण इन्फास्ट्रक्चर्स प्रा.लि. का भागीदार हूं मेरी कंपनी को दमोह जबलपुर रोड (एनएच-34) की मरम्मत एवं उससे आनुसांगिक कार्यों के संबंध में शासकीय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा विधिवत कार्यआदेश जारी किया गया है उक्त कार्यादेश के परिपालन में मेरी कंपनी के द्वारा उक्त राजमार्ग पर मरम्त एवं आवश्यक आनुसांगिक कार्य विगत एक माह से किये जा रहे है। उक्त कार्य आदेश के परिपालन में कार्य करने हेतु भाटखमरिया तालाब से मिट्टी/मुरूम निकालने के संबंध में कंपनी के द्वारा विधिवत संबंधित ग्राम पंचायत की अनुमति प्राप्त की गई है। (ग्राम पंचायत की अनुमति संलग्न है)। उक्त प्रकार के कार्यों में तालाबों के गहरीकरण से प्राप्त मिट्टी, बिना रायल्टी भुगतान के परिवहन के संबंध में खनिज साधन विभाग के द्वारा पूर्व में 12 जून 2024 को आदेश पारित किया गया था कि, उक्त प्रकार कि निकाली गई मिट्टी के परिवहन के लिये तथा उनके परिवहन के लिये किसी भी प्रकार की कोई अनुज्ञा की कोई आवश्यकता नहीं होगी। (खनिज साधन विभाग का आदेश संलग्न हैं) यह कि मेरी कंपनी के द्वारा विगत एक माह से उक्त कार्य किया जा रहा है शुक्रवार को दोपहर 3.30 बजे के लगभग जब ग्राम भाट खमरिया में उक्त कार्य चल रहा था उसी समय जनपद उपाध्यक्ष का पुत्र अंशुल कार्य स्थल पर आया और कंपनी में कार्य कर रहे मैनेजर राजाराम राय, हर्श खरे एवं उपस्थित अन्य कर्मचारी गणों से आकर कहने लगा कि काम बंद करो वहां पर उपस्थित कंपनी के व्यक्तिायों ने जब अंशुल से पूछा काम बंद करने के लिये क्यो कह रहे तो अंशुल कार्य करते समय मशीनों का विडियो बनाने लगा और कंपनी के कर्मचारियों कि साथ अभ्रदता करते हुए काम बंद करने के लिए दबाव बनाने लगा। उक्त घटना के करीब आधा घंटा के बाद जनपद उपाध्यक्ष का पुत्र अंशुल करीब 15-20 लोगों को अपने साथ लेकर आया और अंशुल व उसके साथ आये व्यक्तियों ने बलपूर्वक कार्य में अवरोध उत्पन्न करना शुरू कर दिया देखते ही देखते वहां पर लाल पट्टी संगठन के लगभग 100 से ज्यादा व्यक्ति उक्त कार्य स्थल पर एकत्रित हो गये और आवेदक की कंपनी के विरूद्ध मिथ्या आरोप लगाते हुए नारे बाजी करने लगे तथा कार्य स्थल पर ही अनशन पर बैठ गये। घटना के समय जनपद उपाध्यक्ष के पुत्र एवं जनपद उपाध्यक्ष के पति सुजान सिंह ने उक्त कार्य स्थल पर ही प्रेस वार्ता की और कंपनी के प्रति झूठे आरोप लगाते हुए गलत जानकारी दी और आवेदक की कंपनी एवं उसके अन्य भागीदारों की मानहानि करते हुए उनकी प्रतिष्ठा धूमिल किये जाने संबंधी वक्तव्य पत्रकारों को दिये। उसी समय जनपद उपाध्यक्ष के पुत्र अंशुल के द्वारा घटना स्थल पर पुलिस एवं जबेरा तहसीलदार को बुला लिया गया चूंकि उस समय कानून और व्यवस्था कि स्थिति को ध्यान में हुए तहसीलदार जबेरा के द्वारा कार्य में लगे हुऐ वाहनों को मौखिक रूप से जबेरा थाने ले जाये जाने हेतु कहा गया परंतु अंशुल एवं उसके साथ मौके पर उपस्थित अन्य व्यक्ति कार्य में लगे हुए वाहनों के सामने लेट गये और तहसील दार पर यह दबाब बनाने लगे कि मौके पर वाहनों को जब्त किया जाये चूंकि मौके पर उपस्थित कंपनी के मैनेजर एवं कर्मचारी गण के पास उक्त कार्य आदेश एवं अनुमतियों की हार्ड कॉपी उपलब्ध नहीं थी तहसीलदार को उस समय उक्त दस्तावेज नहीं दिखाये जाने के कारण तहसीलदार जबेरा के द्वारा मौके पर ही कंपनी के वाहनों को जब्त किया गया। आवेदक की कंपनी के द्वारा उक्त निर्माण कार्य से आनुषांगिक कार्य विधिवत रूप से नियमानुसार प्राप्त की गई स्वीकृति, अनुमति एवं कंपनी को मिले कार्यआदेश के अनुपालन में किया जा रहा था जिसकी संपूर्ण जानकारी आवेदक की कंपनी के व्यक्तियों आनावेदक अंशुल, सुजान सिंह एवं उसके साथ उपस्थित अन्य व्यक्तियों को मौखिक रूप से दी गई थी इसके बावजूद भी उक्त कार्य में बलपूर्वक अवरोध उत्पन्न करने के आशय से अनावेदक गण के द्वारा दबाव बनाकर कार्य रूकवाया गया और बिना किसी आधार के कंपनी के भागीदारों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध अनर्गल मिथ्या वक्तव्य दिये गये। आवेदक के द्वारा इस आवेदन पत्र के साथ कार्य आदेश एवं एवं उससे संबंधित समस्त दस्तावेज प्रस्तुत किये जा रहे है जिससे स्पष्ट है कि उक्त कार्य नियमानुसार किया जा रहा था। अतः अनावेदक अंशुल सुजान सिंह एवं उसके साथ उपस्थित अन्य व्यक्तियों के विरूद्ध मामला पंजीबद्ध करवाने की कृपा करें।इस संबंध में प्रमाण के बतौर दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए।