-जल जीवन मिशन योजना बनी दिखावा,अधिकारी लापरवाह
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज रेलवे स्टेशन के उस पार टपरिया गांव के ग्रामीण आज भी पानी के लिए रेलवे स्टेशन दीवानगंज पर लगे नल पर निर्भर है जबकि 17 लाख रुपए से गांव में लाइन बिछाई गई थी इसके बाद भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है।जान जोखिम मे डाल ग्रामीण पटरिया पार कर नल से पानी लाते हे।
दीवानगंज स्टेशन के उस पार गांव टपरिया के ग्रामीणों के लिए सरकार की जल जीवन मिशन योजना एक सपना बनकर रह गई है। ग्राम पंचायत सेमरा के अंतर्गत पढ़ने वाली टपरिया गांव में लगभग 17 लाख रुपए की लागत से नल-जल योजना आई थी। इस योजना के तहत हर घर तक पानी पहुंचाने का वादा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ भी नहीं है। टपरिया के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर दीवानगंज रेलवे स्टेशन की रेलवे पटरी पार कर नल से पानी लाने को मजबूर हैं। नल जल योजना के तहत नया ट्रांसफार्मर पानी के लिए रखना था, लेकिन ठेकेदार ने न तो ट्रांसफार्मर रखा है। ठेकेदार द्वारा नया बोर भी करना था मगर नया बोर भी नहीं करा। बल्कि पुराने बोर में मोटर डालकर खानापूर्ति कर दी। टपरिया के ग्रामीण रोज अपनी जान हथेली पर रखकर दीवानगंज रेलवे लाइन की पटरी पर पार कर पानी लाते हैं। में ग्रामीणों के साथ भी बड़ा हादसा हो सकता है।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सभी गांवों में नल से जल पहुंचाने का संकल्प लिया गया था। उन्होंने कहा था कि सरकार द्वारा गांवों के विकास के साथ-साथ लोगों के कल्याण के लिए, उनके विकास के लिए भी प्रमुखता से काम किया जा रहा है। सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में नल से जल पहुंचाने का काम बड़े स्तर पर किया जा रहा है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को पानी की समस्या से निजात मिलेगी। उन्हें घर पर ही नल से पानी उपलब्ध होगा, कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन कई गांवों में ऐसा नहीं हो रहा है । पीएचई विभाग के अधिकारी सरकार की जल जीवन मिशन योजना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। और लाखों रुपए बर्बाद करके निर्माण कार्यों को शो पीस बनाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में जलसंकट की स्थिति बनी हुई है।गांव-गांव नल जल योजना के तहत पानी टंकी बनाकर पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने की योजना का लाभ ग्रामीणों को समुचित तरीके से नहीं मिल रहा है। सेमरा पंचायत दीवानगंज स्टेशन के उस लाइन पार टपरिया गांव में इस योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। रोज सुबह शाम के समय महिलाओं को पीने का पानी लेने के लिए रेलवे लाइनों को पार करके जाना पड़ता है।ऐसे में ग्रामीण पानी के लिए दर-दर भटकते हुए नजर आ रहे हैं। टपरिया गांव में रहने वाले फूल सिंह लोधी, प्यारेलाल
लोधी ,गणेश राम लोधी हल्के राम लोधी,प्रीति लोधी ओमवती बाई लोधी, बाबूलाल पटेल सुरूपी अहिरवार, रामकली बाई आदि ग्रामीणों का कहना है कि अगर समस्या जल्द ही सही नहीं की गई तो हम सभी ग्रामवासी धरना प्रदर्शन कर अधिकारियों को हमारी समस्या से अवगत कराएंगे।

इनका कहना हे –
हम गांव वाले पानी भरने के लिए तीन पटरी क्रॉस करके जाते हैं। जिसमें जान का खतरा बना रहता है। कई बार इस समस्या की शिकायत ठेकेदार और अधिकारियों से की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमें हमेशा डर लगता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। ठेकेदार और अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं। लेकिन पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
रामकली बाई टपरिया निवासी
हम सभी महिलाएं रोज़ रेलवे की लाइनों को क्रॉस करके पीने का पानी लेने दीवानगंज स्टेशन वाले नल तक जाती हैं। इस दौरान अगर कोई ट्रेन आए जाए तो हमारी जान भी जा सकती है। क्योंकि हम पानी के लिए कई वर्षों से तरस रहे हैं हमारी समस्या अभी तक हल नहीं हो पाई है
प्रीति लोधी टपरिया निवासी
लगभग 17 लाख रुपए लागत से नलजल योजना का काम किया गया था। ठेकेदार ने पुराने बोर में ही मोटर डाल दी। जबकि योजना में नया बोर होना था। सभी ने कहा था कि बोर फेल है।लेकिन ठेकेदार ने नही सुनी।
प्यारेलाल लोधी टपरिया निवासी