मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर खतरनाक रूप दिखाया। सोमवार दोपहर जहां हल्की बूंदाबांदी हुई, वहीं सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अचानक तेज हवाओं के साथ चना के आकार के ओले गिरने लगे। करीब 15 मिनट तक चली ओलावृष्टि ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।
तेज आंधी के चलते कई जगह पेड़ धराशाई हो गए। अचानक बदले मौसम से लोग सहम गए और रात में ही हालात का जायजा लेने बाहर निकल आए।पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में लगातार मौसम खराब बना हुआ है। कभी तेज हवाएं चल रही हैं तो कभी बूंदाबांदी हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले भी दीवानगंज क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ करीब आधे घंटे तक बारिश हुई थी। उस दौरान भी कई पेड़ गिर गए थे और ग्रामीणों के टीन शेड (सेट) तेज हवा में उड़ गए थे।
तेज हवाओं के कारण दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर, सरार, कयामपुर, संग्रामपुर, मुस्काबाद, करैया, गिदगढ़, बालमपुर, देहरी, छोला, चांद पिपरिया, प्रेमपुरा, अनंतपुरा, दहीडा, लंबाखेड़ा, ढकना-चकना, कचनारिया, सोजना सहित कई गांव प्रभावित हुए थे
आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर वर्षों पुराने पेड़ जड़ से उखड़कर धराशाई हो गए। दीवानगंज के सागोनी मोहल्ला में एक बड़ा नीम का पेड़ गिर गया, वहीं सेमरा रेलवे स्टेशन परिसर में भी पेड़ गिरने की सूचना है।
तेज हवा का सबसे ज्यादा असर कच्चे और टीन शेड वाले मकानों पर देखने को मिला। कयामपुर निवासी मनोज ठाकुर और अंबाडी निवासी गोवर्धन रैकवार के घरों पर लगी टीन शेड तेज हवा में उड़ गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था मौसम विभाग ने अभी 2 दिनों तक ऐसे ही मौसम रहने का अनुमान जताया है।