अभिषेक असाटी वकस्वाहा
छतरपुर जिले के वकस्वाहा तहसील में धरमपुरा मौजा के लीलौन हार में भूमि विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। स्थानीय ग्रामीणों ने पटवारी आनंद चौरसिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय निवासी लालचंद राठौर समेत अन्य सहखातेदारों का कहना है कि 2017-18 में उनकी भूमि का वैध सीमांकन और तरबीन की गई थी। हाल ही में फर्जी तरीके से खसरा नंबर 215 पर सीमांकन और तरबीन किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का दावा है कि पटवारी ने मोती राठौर, संतोष राठौर, कमलेश राठौर, रामाधार राठौर और हिम्मत राठौर के नाम पर अवैध सीमांकन किया है।
आरोप है कि पटवारी कार्यालय में कई बार जाने के बावजूद पटवारी अनुपस्थित रहते हैं और फोन भी नहीं उठाते। इसके अतिरिक्त, पटवारी पर सरकारी कामकाज के लिए रूपयों की मांग और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। पटवारी का कहना है कि फसल कटाई के बाद भूमि का कब्जा छोड़ना पड़ेगा, जबकि यह भूमि ग्रामीणों की पुस्तैनी संपत्ति है।
ग्रामीणों ने 20 और 22 मई 2024 को शिकायत पत्र प्रस्तुत किए थे, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर सीमांकन और तरबीन निरस्त नहीं की जाती और पटवारी पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे भगवती मानव कल्याण संगठन के हजारों कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।
संबंधित खसरा नंबर 221/2, 223/22, 229/2 की कुल 0.845 हेक्टेयर भूमि पर लालचंद राठौर के नाम भूमि स्वामी दर्ज है। आरोप है कि पटवारी ने नक्शे और नंबरों में छेड़छाड़ कर भूमि का स्थान बदल दिया है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री, जिला कमिश्नर और अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजी गई है। ग्रामीण अब न्याय की आशा में हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र होगा।