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बारिश के बाद जिले के कुछ ग्रामीण इलाकों के रास्तों को बयां करती तस्वीरें

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रिपोर्ट धीरज जॉनसन, दमोह

दमोह जिले के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के बाद आवागमन प्रभावित हुआ है जिसका कारण कच्चा मार्ग, सड़क मार्ग का खराब होना, मार्ग की अनुपलब्धता और कार्यों में गुणवत्ता की कमी बताया गया।
जिले में ग्राम जेर, रेवंझाघाट टपरिया, चोरमार,मगरा,कोडरमणि, बहेरा कुछ ऐसे गांव हैं जहां से मुख्य सड़क मार्ग तक कुछ किमी तक रास्ता कच्चा या खराब है।बारिश में हालत ज्यादा खराब हो जाते है,जो पैदल चलने लायक भी नहीं है। जिससे बुजुर्ग,बीमार,महिलाओं और बच्चों को दिक्कत ज्यादा होती है। सड़कों की हालत भी काफी लंबे समय से खराब है ऐसा नहीं है कि इनके सुधार और पक्के सड़क मार्ग के लिए ग्रामीणों द्वारा आवाज न उठाई गई हो पर अब तक बदलाव दिखाई नहीं देता है।

इन क्षेत्रों में जेर की आबादी करीब 400, रेवंझाघाट टपरिया की लगभग 150 से अधिक, चोरमार 200 से अधिक, कोडर मणि 250 से ज्यादा, मगरा की 200 से अधिक और बहेरा करीब 200 से अधिक जनसंख्या है जो कहीं न कहीं परेशानियों का सामना कर रही है।


जेर– दमोह जिले के पटेरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम जेर जहां गांव से मुख्य सड़क मार्ग तक करीब 2 किमी कच्चा मार्ग है। ग्रामीण नौआपटी से गांव तक कच्चे रास्ते से जाते है।

चोर मार- जिले के इमलिया लांझी ग्राम पंचायत के ग्राम चोरमार में मुख्य सड़क मार्ग तक आने के लिए लगभग दो किमी से ज्यादा कच्चा रास्ता तय करना पड़ता है।

रेवंझाघाट टपरिया- जिले के पटेरा ब्लॉक अंतर्गत सिंगपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्राम रेवंझा घाट टपरिया से मुख्य सड़क मार्ग तक लगभग एक किमी तक कच्चा रास्ता है।


कोडरमणि- जिले के पथरिया तहसील अंतर्गत ग्राम कोडर मणि के ग्रामीण सड़क मार्ग का पुल कमजोर और निचला होने के कारण बरसात के मौसम में केवलारी और पथरिया नहीं जा पाते है


मगरा- पटेरा ब्लॉक अंतर्गत हरदुआ के आगे मुख्य सड़क मार्ग से ग्राम मगरा तक जाने के लिए लगभग 4 किमी कच्चा रास्ता है जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सेमरा हजारी- ज़िलें के पथरिया तहसील अंतर्गत ग्राम सेमरा हज़ारी से होते हुए सागर जिले के ग्राम सिंगरावन में प्रवेश करता यह पुल पथरिया विधानसभा से बंडा विधानसभा को जोड़ता है,परंतु सालो से यह इसी तरह क्षतिग्रस्त है कई घटनाएं घटित होती रहती है साथ ही करीब 25 ग्रामों का संपर्क इस पुल से वाहन निकालने के लिए समाप्त हो जाता है अतः 12 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर काटकर बाया पथरिया केरबना होते हुए बंडा पहुंचते है,पूर्व में कई बार ग्रामीणों के द्वारा जनप्रतिनिधियों को बताया गया पर कोई सुनवाई नहीं हुई।


बहेरा– शहर से लगभग 22 किमी दूर तेजगढ़ खुर्द से बहेरा ग्राम की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर छोटी पुलिया और कीचड़ के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित होता है।

हिनौता- मुराछ- जिले के हटा तहसील अंतर्गत हिनौता से मुराछ के मध्य दिखाई देता रास्ता भी बारिश के बाद कीचड़ से भर चुका है ग्रामीणों को निकलने में दिक्कत होती है पर कार्य में गुणवत्ता दिखाई नहीं देती।

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