देवेन्द्र तिवारी सांची रायसेन
वैसे तो चना गेहूं का भुसे का ट्रक साल भर चलते रहते हैं यह समय फ़सल आने का रहता है फसलों से खेत खाली हो जाते हैं तब भुसे के कारोबारी अपनी जेबें भरने बेमुंह के पशु उनका चारा भी ढोने लगते हैं जिससे पशुओं के सामने चारे की समस्या खड़ी हो जाती है पशुओं को चारा मिल सके इसके लिए जिला कलेक्टर ने चारा बाहर जाने पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए बावजूद इसके लगातार पशुओं का चारा ट्रको में जा रहा है इससे जिम्मेदार भी अपनी जेबें भरने में पीछे नहीं दिखाई देते हैं। जानकारी के अनुसार खेतों में खड़ी फसल कट चुकी है अब खेतों में खड़ी नरवाई शेष रह गई है जिससे पशुओं को अपना पेट भरने चारा मिल जाता है परन्तु इन बेजुबान पशुओं के चारों को भी इसका व्यवसाय करने वाले छोड नहीं रहे हैं जिससे पशुओं का चारा इस व्यवसाय को करने वाले भुसा बना कर ट्रको के माध्यम से अपनी जेबें भरने में पीछे नहीं दिखाई दे रहे हैं तथा खुले आम पशुओं के चारे पर हाथ साफ कर रहे हैं हालांकि जिला कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे ने विगत दिनों पशुओं की खबर लेते हुए जिले भर से बाहर जाने पर चारा ले जाने पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए थे परन्तु बड़ी संख्या में ट्रको में जमकर ओवर लोड करते हुए चारे की ढुलाई जारी है ऐसा भी नहीं है कि इसकी खबर चारा रोकने वालों को न हो परन्तु भुसे से भरें ट्रको के पीछे पुलिस कर्मियों को दौड़ लगाते आसानी से देखा जा सकता है तथा भुसा भरे ट्रक चालक भी कलेक्टर के आदेश को दरकिनार करते हुए प्रसाद बांटते आसानी से गुजर रहे हैं तब कलेक्टर के आदेश की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं इन दिनों इस स्थल से गुजरने वाले चारा ढोने वाले ट्रकों की संख्या भी असंख्य हो चुकी है तब आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बैजुबान पशुओं के चारा रोकने के आदेश पर पानी फिरने लगा है भुसे के ट्रक बीच सड़कों पर रोक कर वसूली लगा तार जारी रहती है तथा जिम्मेदार भी इस ओर से मुंह मोड़ कर तमाशबीन बने रहते हैं इससे भविष्य में पशुओं के सामने चारे की समस्या बनने से इंकार नहीं किया जा सकता है । कलेक्टर के आदेश का पालन करने जिला परिवहन विभाग भी चुप्पी साध कर बैठ चुका है ।