तीन दिन का अल्टीमेटम; PWD से तत्काल मरम्मत की मांग
साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड की ग्राम पंचायत सरार में माध्यमिक शाला से फूल सिंह टपरा एवं खेड़ा टोला सरार तक जाने वाले करीब 3.30 किलोमीटर मार्ग की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि बारिश के बाद जगह-जगह कीचड़ और दलदल हो गया है। बाइक, ट्रैक्टर सहित अन्य वाहन फंस रहे हैं, वहीं कई बाइक चालक फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है।
सड़क की समस्या को लेकर ग्राम पंचायत सरार के सरपंच नरेश कुमार चौधरी ने जिला कलेक्टर रायसेन को आवेदन देकर तत्काल सड़क की स्थिति सुधारने की मांग की है। सरपंच ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में सड़क दुरुस्त नहीं कराई गई तो चौथे दिन माध्यमिक शाला सरार के पास ग्रामवासियों के साथ भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
5.5 करोड़ की लागत से बन रहा मार्ग
ग्रामीणों के अनुसार करीब 3.30 किलोमीटर लंबा यह मार्ग लगभग 5.5 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। करीब चार महीने पहले PWD द्वारा सड़क निर्माण का काम शुरू किया गया था। सड़क तैयार होने के बाद कोली खेड़ा, दहीड़ा, खोह सहित आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

बारिश से पहले डाली पीली मिट्टी, बारिश में बनी मुसीबत
ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश से पहले सड़क पर पीली मिट्टी डाल दी गई थी। बारिश होते ही मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो गई, जिससे पूरा मार्ग दलदल जैसा हो गया है। सड़क पर जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा होने से वाहन चालकों को निकलना मुश्किल हो रहा है। दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं।
स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी परेशानी
सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों को कीचड़ और खराब रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान बच्चों के फिसलने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। कई बाइक चालक भी सड़क पर गिरकर घायल हो चुके हैं।

तीन दिन में सुधार नहीं तो आंदोलन
सरपंच नरेश कुमार चौधरी ने कहा कि सड़क की समस्या को लेकर एक दिन पहले ही कलेक्टर को आवेदन दिया गया है। प्रशासन से मांग की गई है कि PWD के अधिकारियों को निर्देश देकर तत्काल सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तीन दिन में सड़क सुधार का काम शुरू नहीं हुआ तो चौथे दिन से ग्रामीणों के साथ भूख हड़ताल शुरू की जाएगी और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मामले में कलेक्टर के साथ PWD के कार्यपालन यंत्री, रायसेन को भी सूचना दी गई है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।