– नया सिलेबस लागू, पहले ₹65 में मिलने वाली किताब अब तीन गुना महंगी; पालकों ने जताई नाराजगी
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 की किताबों के दामों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। नया सिलेबस लागू होने के साथ ही किताबों की प्रिंट रेट तीन गुना तक बढ़ा दी गई है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
अब कक्षा 9 की विज्ञान की किताब 205 रुपए में मिलेगी। वहीं गणित और हिंदी की किताबों का दाम 115-115 रुपए कर दिया गया है। अभिभावकों का कहना है कि पूर्व में यही किताबें प्रिंट रेट में मात्र ₹65 में उपलब्ध थीं। इस तरह NCERT ने एक साथ 140 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी है।
छात्रों के पालकों ने आरोप लगाया कि निजी प्रकाशकों की तर्ज पर NCERT ने भी किताबों के दाम बढ़ाकर अभिभावकों को परेशानी में डाल दिया है। महंगाई के दौर में एक साथ इतनी वृद्धि से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। कई पालकों ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए किताबें ही सहारा होती हैं, लेकिन अब वे भी पहुंच से बाहर हो रही हैं।
गौरतलब है कि इस बार NCERT ने कक्षा 9 की सभी किताबें बदल दी हैं। नया सिलेबस आने के बाद अभी कुछ विषयों की किताबें बाजार में पहुंची ही नहीं हैं। किताबें देर से आने और दाम बढ़ने से अभिभावकों की दोहरी चिंता बढ़ गई है।
अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि NCERT की किताबों की कीमतों को नियंत्रित किया जाए। शिक्षा को सस्ता और सुलभ बनाने के दावों के बीच किताबों का महंगा होना विरोधाभासी है। पालकों का कहना है कि अगर सरकारी किताबें ही महंगी होंगी तो गरीब बच्चे कैसे पढ़ेंगे। किताबों के दाम बढ़ने से अभिभावकों में भारी रोष है।