सुरेन्द्र जैन धरसीवां
जिस देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद किया जा रहा है उसी देश में एक पिता की आखिर ये कैसी लाचारी की वह अपनी फूल सी डेढ़ साल की बच्ची को एक छोटा हाथी वाहन में लावारिस छोड़कर खुद मरने का पत्र छोड़कर चलता बना.

खमतराई थाना क्षेत्र के व्यास तालाब बिरगांव में एक छोटा हाथी वाहन में डेढ़ साल की बच्ची रोते हुए लावारिस मिली साथ में एक चिट्ठी मिली जिसमें पिता ने लिखा कि उसके पास रहने तक की व्यवस्था नहीं वह मरने जा रहा है उसकी बच्ची को कोई अपना ले.

फिलहाल तो पुलिस ने उस बच्ची को सुरक्षित लालन पालन की व्यवस्था करा दी है लेकिन एक पिता की यह चिट्ठी कई अनुत्तरित सवालों को जन्म दे रही है.आखिर वह पिता कौन है उस बच्ची की मां कौन है कहां है यदि चिट्ठी में लिखी बात सत्य है कि उसके पास रहने तक की व्यवस्था नहीं तो क्या उसे सरकारी योजना पीएम आवास का लाभ भी नहीं मिला आखिर क्यों इतना मजबूर हुआ एक पिता।