– गैरतगंज में श्रीराम कथा के तीसरे दिवस हुए प्रवचन
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
भगवान श्रीराम इस भारत राष्ट्र के पर्याय हैं। यहां के कण कण में राम बसे हैं। अयोध्या का नवीन भव्य मंदिर राम भक्तों के समर्पण का परिणाम है। राम का आदर्श चरित्र पूरे लोकों में अनूठा और प्रेरणा का स्रोत है। राम हमारे आदर्श हैं।
नगर के खेड़ापति माता मंदिर रोड स्थित मानस प्रांगण में चल रही पंच दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के तृतीय दिवस की बेला में प्रयागराज उप्र से पधारे मानस कथा प्रवक्ता आचार्य शांतनु महाराज ने प्रवचन देते हुए यह बात कही। कार्यक्रम का आयोजन श्रीरामचरित मानस सांस्कृतिक कल्याण समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है। कथा प्रारंभ पर भगवान की पूजा अर्चना एवं विद्वान प्रवक्ता का सम्मान किया गया।

कथा में प्रवचन देते हुए मानस विद्वान आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम इस देश का पर्याय हैं। वे त्याग, तपस्या, बलिदान, अनुशासन और आज्ञापालन के अलावा अनेकानेक गुणों को धारण करने वाले हैं। माता पिता और भ्रातृ भक्ति का अनुपम उदाहरण श्रीराम के चरित्र से मिलता है। वनगमन का आदेश पाते ही श्रीराम ने राजपाट का सुख त्यागकर वन जाना उचित माना। आचार्य श्री ने कहा कि अयोध्या में बना नवीन भव्य श्रीराम मंदिर इस देश के अनेकानेक राम भक्तों के त्याग, बलिदान और समर्पण का प्रतीक भी है। राम भक्तों ने अपने प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली के लिए प्राणों की बाजी लगाई है। उन्होंने कारसेवकों के बलिदान का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि आदर्श पात्र श्रीराम के लिए सदैव ऐंसे ही समर्पण की आवश्यकता है। उन्होंने धर्म और अपने इष्ट के लिए सनातन धर्मावलंबियों से सर्वस्व समर्पण की अपेक्षा भी की। उन्होने कहा कि श्रीरामचरित मानस मनुष्य जीवन में आने वाली हर समस्या का हल बताती है। उसका अध्ययन, चिंतन एवं मनन कर अपने जीवन में अवश्य उतारें ताकि जीवन का कल्याण हो। कथा के तीसरे दिवस प्रवचन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रभर के श्रद्धालु महिला एवं पुरूष शामिल हुए। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक मानस प्रांगण में किया जाएगा।