गढ़ीसेमरा हाई स्कूल प्रबंधन ने मानवता को किया शर्मसार,मिड डे मील खाने के बाद बच्चों को धोने पड़ते बर्तन
अभिषेक असाटी बक्सवाहा
बकस्वाहा विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल गढ़ीसेमरा का स्कूल प्रबंधन अपनी कार्यशैली को लेकर पिछले लम्बे समय से चर्चाओं में बना हुआ है शासकीय हाई स्कूल गढ़ीसेमरा से शर्मनाक तस्वीर सामने आई है जहां विद्यालय के बच्चों को मध्यान भोजन करने के बाद बर्तन धोने पड़ते हैं
शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूल आने वाले बच्चों को नियमित रूप से मिड डे मील आहार देने के तौर तरीके पर सवाल खड़े हो रहे है शासन द्वारा बच्चो को एक वक्त का पोषण आहार देने का कार्य किया जा रहा है जिसमे बच्चो को खाना परोस कर खिलाने और अबोध बच्चो को अपने हाथ से खाना खिलाने की जिम्मेदारी समूह की होती है।सरकार नारा दे रही है! पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया लेकिन विकासखंड के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील ग्रहण करने के बाद नोनीहालों को बर्तन धोने पर विवश किया जा रहा है और गौर करने वाली बात यह है कि यह बर्तन भी बच्चो को अपने घर से लाने होते है
यहां हालत इतने खराब है कि बच्चों को स्कूल में मिलने वाला मिड डे मील भोजन न केवल आवारा कुत्तों के बीच खाना पड़ रहा है बल्कि अपने खाने के बर्तन खुद साफ करना पड़ रहे हैंस्कूल परिसर में घूमने वाले आवारा कुत्तों के बीच मिड डे मील का भोजन करना पड़ रहा है
लापरवाही के शिकार स्कूल के बच्चे
बता दें कि शासकीय हाई स्कूल गढ़ी सेमरा में पढ़ने वाले छात्रों का कहना है कि जब से वह स्कूल में पढ़ रहे हैं , उन्हें इसी तरीके से आवारा कुत्तों के बीच जमीन पर बैठ कर भोजन करना पड़ता है इसके साथ ही उन्हें अपने बर्तन खुद ही धोने पड़ते हैं ऐसे मे क्या करें मजबूरी है कि मिड डे मील भोजन करना है तो बर्तन भी धोने पड़ेंगे शिक्षा और स्कूलों को लेकर चिंतित नोनीहालों की बदहाल दशा पर जिम्मेदारो को संज्ञान लेना होगा तभी मिड डे मील जैसी स्कीम अपने मूल उद्देश्यों में सफल होगी।
इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया का कहना है कि आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है मैं तत्काल दिखवाता हूं अगर बच्चो से बर्तन धुलवाने का मामला सामने आता है तो संबंधित पर कार्यवाही की जायेगी