Let’s travel together.

फ़लदार वृक्षों को काटने के बाद मौके से लकड़ी का हुआ परिवहन

0 647

– कार्रवाई के नाम पर हुई शून्य स्थिति, एक दिन बाद भी नही पहुंचा वन अमला, प्रशासन भी मौन

राकेश गौर गैरतगंज रायसेन

गैरतगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं रेस्ट हाउस में बिना अनुमति हरे भरे फ़लदार वृक्षों को काट जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अस्पताल में वृक्ष कटने के मामले में स्थानीय प्रशासन ने खंड चिकित्सा अधिकारी को नोटिस भेजा है तो वन अमला अभी तक मौके पर नही पहुंचा है। जिसके चलते हालात यह रहे कि काटे गए वृक्षों को मौके से बेख़ौफ़ परिवहन भी कर लिया गया। सूत्रों की माने तो पेड़ काटे जाने के बाद शुक्रवार की देर शाम उसकी लकड़ी एसडीएम कार्यालय गैरतगंज पहुंची तथा बाद में वह लकड़ी अन्यत्र स्थान पर भेजी गई। इस संबंध में एसडीएम रवीश श्रीवास्तव का कहना है कि पंचनामा बना लिया है, सोमवार को कार्रवाई करेंगे। उधर रेंजर  रजनीश शुक्ला का कहना है कि लकड़ी का परिवहन हो गया है तो शीघ्र ही कार्रवाई करेंगे। इस तरह की बयानबाजी केवल हो रही है तथा कार्रवाई के नाम पर शून्य स्थिति है
गौरतलब है कि नगर गैरतगंज के शासकीय परिसरों में खड़े वर्षों पुराने पेड़ो को बेवजह धड़ल्ले से काटा जा रहा है। सबसे पहले रेस्ट हाउस गैरतगंज में 4 विशाल पेड़ो को बेरहमी से काटा गया था। पेड़ किसके आदेश से काटे गए, यह कोई बताने को तैयार नहीं है। पता चला है कि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियो ने ही मौखिक आदेश देकर उन्हें कटवा दिया है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी प्रशासनिक अधिकारियों की मौखिक अनुमति से ही पेड़ो की बलि दी गई है। तभी तो इतने बड़े दो मामलों के बाद भी प्रशासन कार्रवाई करने के स्थान पर सुस्ती दिखा रहा है। तथा पूरा मामला संदेह के घेरे में तथा जांच करने योग्य है। देखना यह है कि अधिकारियों की मौन सहमति से हुए इस गलत कार्य में जिला कलेक्टर क्या संज्ञान लेते हैं और क्या कार्रवाई होती है।


विशेषज्ञों की राय – फ़लदार वृक्ष काटे जाने की नही दी जा सकती अनुमति

हरे भरे फ़लदार वृक्षो को काटे जाने की अनुमति नही दी जा सकती है। चाहे कोई भी परिस्थिति क्यो न हो। यदि विशेष परिस्थितियां बनती है तो वरिष्ठ कार्यालय से ही प्रक्रिया प्रारंभ होती है। यह बात वन विभाग में तैनात विशेषज्ञों से चर्चा में पता चली है। उन्होंने हमें यह भी बताया कि फ़लदार वृक्ष काटना किसी की निर्मम हत्या करने के बराबर होता है, जिसका दंड भी उसी तरह का होता है। उन्होंने बताया कि किसी भी वृक्ष को काटे जाने की अनुमति के लिए बहुत सी शर्ते होती है। जिनमे पेड़ काटे जाने के बाद दूसरी जगह पौधरोपण करना, उसकी देखभाल करना सहित अन्य नियम हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

गणेशोत्सव में देवी-देवता एवं ऋषि स्वरूप प्रतियोगिता, प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा     |     चैनपुर स्कूल में चित्रकला कार्यक्रम, भाजपा मंडल अध्यक्ष ने बढ़ाया नन्हे कलाकारों का उत्साह     |     प्राचीन बावड़ी को अतिक्रमण मुक्त कराने कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन      |     बंडा जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई      |     संयम धर्म से ही जीवन बनता है स्वर्णमय : मुनि श्री गरिष्ठ सागर महाराज     |     सोलर प्लांट से कॉपर केबल चोरी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, 70 किलो कॉपर तार और 19 हजार रुपये बरामद     |     केमफेस्ट -2026 का शुभारंभ      |     रायसेन में आज से 806वां उर्स मुबारक, पीर फतेह उल्लाह शाह की दरगाह पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब     |     मंडीदीप में महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा, डायल-112 की छत पर चढ़ी     |     पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन मनाया गया उत्तम सत्य धर्म     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811