बिलासपुर। सत्ताधारी दल भाजपा के साथ ही अब प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटती नजर आ रही है। कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने और विधानसभा चुनाव की हार से उबारने की योजना बनाई गई है। बिलासपुर संभाग में इसकी शुरुआत रायगढ़ लोकसभा से होगी। कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने के साथ ही जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। रायगढ़ के बाद सरगुजा,कोरबा,जांजगीर व अंत में बिलासपुर लोकसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन होगा।
राज्य की सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ ही कार्यकर्ताओं में निराशा का भाव देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा। विधानसभा सीटों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो करारी हार तो नहीं है पर मामूली सीटों के अंतर से सरकार से बाहर होना पड़ा है। सत्ता से बाहर होने की हताशा कार्यकर्ताओं से लेकर पदाधिकारियों व प्रमुख नेताओं में अब भी देखने को मिल रही है। निराशा के दौर से कार्यकर्ताओं को बाहर निकालने और लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने की तैयारी पीसीसी की शुरू हो गई है। विधानसभा चुनाव में पोलिंग बूथ स्तर में जिन कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई थी उनको अनिवार्य रूप से कार्यकर्ता सम्मेलन में उपस्थिति को अनिवार्य किया जा रहा है। माना जा रहा है कि सेक्टर,जोन व बूथ स्तर के ऐसे कार्यकर्ता जिनको विधानसभा चुनाव में अहम जिम्मेदारी दी गई थी,लोकसभा चुनाव में भी पोलिंग बूथों में वे ही नजर आएंगे। बड़ी जिम्मेदारी इनके ही कंधों पर दी जाने वाली है। लोकसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान विधानसभा क्षेत्रों से उपस्थिति तय की जाएगी। जिन विधानसभा सीटों में कांग्रेस के विधायक हैं वहां वर्तमान विधायक और जहां चुनाव हार गए हैं वहां प्रत्याशी केअलावा पूर्व विधायकों की उपस्थिति को अनिवार्य किया जाएगा।
रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आठ विधानसभा क्षेत्र को शामिल किया गया है। रायगढ़ जिले की चार,इसमें बिलाइगढ़ विधानसभा सीट को मिलाकर पांच व जशपुर जिले की तीन विधानसभा शामिल है। विधानसभा चुनाव परिणाम पर गौर करें तो रायगढ़ जिले की चार में से तीन पर कांग्रेस व एक में भाजपा ने जीत दर्ज की। बिलाइगढ़ की सीट भी कांग्रेस की झोली में चली गई है। रायगढ़ जिले में कांग्रेस की स्थिति बेहद मजबूत मानी जा रही है। भाजपा के लिए राहत वाली बात ये है कि जशपुर जिले के अंतर्गत आने वाली तीनों सीटाें पर भाजपा का कब्जा है। रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के लिहाज से देखें तो कांग्रेस विधानसभा चुनाव परिणाम और सीटों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तों भाजपा व कांग्रेस बराबरी की स्थिति में है।