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दीवानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी रूम नही,खुले आसमान के नीचे होते हे पोस्टमार्टम

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मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची ब्लॉक के गांव दीवानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी रूम नही हैं। जिसकी वजह से घटना या दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों को यहां वहां भटकना पड़ता है। कई बार इस बड़ी समस्या से शासन व प्रशासन को अवगत कराने के उपरांत भी समस्या का अभी तक कोई समाधान नही हुआ है। जिले के दीवानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मर्चुरी रूम नहीं होने से अस्पताल के पीछे खुले में शवों का पोस्टमार्टम किया जाता है। हॉस्पिटल के पीछे खेत लगे हुए हैं इससे खेत पर पहुंचने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन प्रशासन के ध्यान नहीं देने के कारण इस अस्पताल पर निर्भर आसपास के 40 गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है। दीवानगंज से होकर भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे- 18 भी निकलता है। जिस पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इन दुर्घटनाओं में कई लोगों को मौत हो जाने के बाद उनका पोस्टमार्टम दीवानगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया जाता है। लेकिन इस अस्पताल में मर्चुरी रूम के अभाव में शवों का पोस्टमार्टम या तो खुले में होता है या फिर सांची भेजा जाता है। यदि रात के समय मृतक के शव को रखना हो तो मजबूरन रायसेन या सांची भेजना पड़ता है। किसी की दुर्घटना से मृत्यु होती है तो शव को रखने केे लिए सांची या रायसेन ले जाना पड़ता है। जिससे मृतक के परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। और शव के अंतिम संस्कार होने में काफी लंबा समय लग जाता है। अगर दीवानगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मर्चुरी रूूम बन जाए तो आसपास के 25 किलोमीटर तक केे लोगों इसका फायदा मिलेगा भोपाल विदिशा हाईवे पर भी दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है जिसमें कई लोगों की मौत हो जाती है। दीवानगंज से ही रेलवे लाइन निकली है और रेलवे स्टेशन पड़ता है। जिस पर अक्सर दुर्घटना होती रहती है।
मौत के बाद पोस्टमार्टम करने में मुझे काफी परेशानी हो रही है। कई बार तो बारिश के समय में मुझे कुछ ज्यादा ही समस्या आती है हवा पानी चलता है तो भी मुझे पोस्टमार्टम अस्पताल के बाहर ही करना पड़ता है मैंने कई बार ऊपर के अधिकारियों को के विषय में अवगत करा चुका हूं मगर इसके बावजूद भी समस्या हल नहीं हो रही है।

मेडिकल ऑफिसर एके माथुर दीवानगंज

शाम या रात को भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर दुर्घटना होती है। उसमें अगर किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है। तो शव को सांची या रायसेन भेजा जाता है। क्योंकि दीवानगंज में मरचूरी रूम नहीं है। अगर रूम बन जाए तो कई गांव के ग्रामीणों को फायदा पहुंचेगा।

-गिरजेश नायक सरपंच

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