सड़क पर मिला डेढ़ किलो चांदी का छत्र, एसडीओपी ने दिखाई ईमानदारी—मंदिर पहुंचाने का लिया संकल्प
पुलिस की सख्त छवि के बीच मानवीय पहल की जमकर सराहना, समाजसेवी को सौंपा चांदी का छत्र
सी के पारे
ओबेदुल्लागंज/मंडीदीप। ओबेदुल्लागंज पुलिस की छवि आमतौर पर सख्त और त्वरित कार्रवाई के लिए जानी जाती है, लेकिन एसडीओपी शीला सुराणा ने एक ऐसा मानवीय और सराहनीय कार्य किया है, जिसकी क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है।
जानकारी के अनुसार, अगस्त माह के दौरान रात्रि गश्त के समय मंडीदीप क्षेत्र में एसडीओपी शीला सुराणा को सड़क पर करीब डेढ़ किलो वजनी चांदी का छत्र पड़ा हुआ मिला। प्रथम दृष्टया यह किसी मंदिर में चढ़ाया जाने वाला छत्र प्रतीत हो रहा था।
ऐसी स्थिति में इसे पुलिस कार्रवाई के तहत जप्त माल के रूप में रखा जा सकता था, लेकिन एसडीओपी सुराणा ने ईमानदारी, संवेदनशीलता और आस्था का परिचय देते हुए छत्र को सुरक्षित रख लिया। उन्होंने इसे उसके उचित स्थान तक पहुंचाने का निर्णय लिया।
बाद में मंडीदीप निवासी समाजसेवी नरेंद्र चौकसे को अपने कार्यालय बुलाकर एसडीओपी ने चांदी का छत्र उन्हें सौंप दिया, ताकि उसे किसी मंदिर में विधि-विधान और श्रद्धा के साथ स्थापित किया जा सके।
एसडीओपी सुराणा के इस कार्य की जानकारी जैसे ही क्षेत्रवासियों को मिली, लोगों ने उनकी खुले दिल से सराहना की। आमजन का कहना है कि पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए ऐसे कार्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सम्मान और मानवीय संबंधों को और मजबूत करते हैं।
ईमानदारी और संवेदनशीलता बनी मिसाल
एसडीओपी शीला सुराणा की इस पहल ने यह संदेश दिया कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवीय मूल्यों और सामाजिक आस्था का सम्मान करना भी पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।