भोजपुरी समाज ने उत्साह से मनाया डाला छठ का त्यौहार, डूबते सूरज को दिया अर्घ्य, सुबह उगते सूरज के साथ खोला जाएगा उपवास
सैकड़ो दीपों से जगमगाया तालाब का किनारा, चलाई आतिशबाजी, कई जगह सजे गन्ना के मंडप
सी एल गौर
रायसेन। प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी रायसेन शहर में भोजपुरी समाज के लोगों द्वारा पूरे उत्साह के साथ हर्षोल्लास के वातावरण में डाला छठ का पावन वार्षिक त्यौहार धूमधाम के साथ स्थानीय प्राचीन मिश्र तालाब के किनारे पर मनाया गया। नगर में करीब 300 से अधिक परिवार भोजपुरी समाज के निवास करते हैं जो प्रतिवर्ष इस डाला छठ के अवसर पर त्यौहार की खुशी में मिश्र तालाब पर विशाल आयोजन रखते हैं ।

यहां भोजपुरी समाज की महिलाओं द्वारा सैकड़ो स्थान पर दीप जलाते हुए गन्ना के शानदार मंडप सजाए गए, इस समय ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो अयोध्या में सरयू नदी के किनारे पर दीपों का सुंदर दृश्य दिखाई दे रहा हो, उसी तर्ज पर रविवार को मिश्र तालाब के किनारे पर भोजपुरी समाज के लोगों ने एकत्रित होकर हर्षोल्लास के वातावरण में आतिशबाजी चलाते हुए त्यौहार मनाया। इस अवसर पर भोजपुरी समाज के लोगों द्वारा डूबते हुए सूरज को अर्ध दिया एवं विशेष पूजा अर्चना की गई, इस रात को निर्जला व्रत रखकर महिलाएं डाला छठ का कठिन व्रत रखेंगी । सोमवार को उगते सूरज के साथ भोजपुरी समाज की महिलाएं अपना व्रत सूरज को अर्ध देने के साथ खोलेंगी। ज्ञात हो कि डाला छठ मानने की परंपरा बिहार प्रांत में सर्वाधिक है और इस प्रदेश से मध्य प्रदेश में भी भोजपुरी समाज के हजारों परिवार निवास करते हैं।

इसी क्रम में रायसेन जिले के औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप में भी बड़ी संख्या में भोजपुरी समाज निवास करती है यहां भी डाला छठ का त्यौहार अति उत्साह के वातावरण में भोजपुरी समाज द्वारा धूमधाम के साथ मनाया गया है। इस प्रकार से रविवार को भोजपुरी समाज ने अपना परंपरागत डाला छठ का बड़ा त्यौहार श्रद्धा भाव के साथ मनाया एवं भगवान सूर्य नारायण से प्रार्थना करते हुए सुख समृद्धि की कामना की गई। इस अवसर पर भोजपुरी समाज के महिला पुरुष एवं बच्चों में विशेष उत्साह का वातावरण देखा जा रहा था महिलाएं पुरुष एवं बच्चे सुंदर वस्त्र धारण करते हुए छठ त्यौहार की खुशी में मिश्र तालाब के किनारे पहुंचे जहां विशेष पूजा अर्चना कार्यक्रम में भाग लिया एवं धर्म का लाभ उठाया।