यशवंत सराठ बरेली रायसेन
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्द्यालय शाखा बरेली द्वारा जेल परिसर के मुख्य द्वार पर नौ चैतन्य देवियों का मनमोहक दरबार सजाया गया है ,इस मनमोहक झांकी का पर्दा खोलकर शुभारंभ नगरपंचायत अध्यक्ष भ्राता हेमंत चौधरी ने किया,साथ में नगरपंचायत उपाध्यक्ष भ्राता नेपाल सिंह राजपूत , हिन्दू उत्सव समिति अध्यक्ष एवं अन्य गणमान्य नागरिकों के करकमलों से किया गया।

ब्रह्माकुमारी जाग्रति ने कुशल कार्यक्रम का संचालन करते हुए झांकी का आध्यात्मिक रहस्य स्पष्ट किया कि वास्तव नवरात्रि में हम सभी शक्ति का आव्हान करते है इसके लिए जागरण ,व्रत एवं ज्योत जलाते हैं वास्तव में जागरण अपने अंदर की दिव्यता को शक्तियों को जगाने का ,व्रत आत्मा को व्यर्थ व नकारात्मक संकल्पों के भोजन की परहेज का प्रतिक है, नौ दिन दिया जलाना हमने दुसरो को क्या क्या दिया, प्यार दिया सम्मान दिया अपनापन व् समानता दिया, ये भी दिया जलाकर रखने का प्रतिक है।

दुर्गुणों को दूर करने बाली माँ दुर्गा के रूप में बालब्रह्मचारिणी तपस्विनी ब्रह्माकुमारी पिंकी बहन, अनेक आत्माओं के कलकों को मिटाने बाली माँ काली के रूप में कुमारी स्वाति, ज्ञान की बीना बजाने बाली माँ सरस्वती के रूप के कुमारी ऋचा, ईश्वरीय चरित्र का गायन कर परखने की शक्ति रखने बाली माँ गायत्री के रूपमें कुमारी साक्षी, कुलक्षणो को मिटाकर दिव्य लक्षण धारण करने बाली ,ग्यानधन लुटाने बाली माँ लक्ष्मी, परमात्म गुणगान कर अनेक आत्माओं का उमंग उत्साह बढ़ाने बाली माँ उमा , स्वच्छता पवित्रता को धारण कर अनेक आत्माओं का जीवन बिषय बिकारो से मुक्त बनाने बाली माँ बैष्णवी के रूप में कुमारी पूर्वी, ज्ञान की गंगा बन अनेक आत्माओं किं ज्ञान प्यास बुझाने बाली माँ के रूप कुमारी प्रियंका, संतुष्ट रह अनेक आ त्माओं के जीवन को संतुष्ट बनाने बाली माँ संतोषी के रूपमे कुमारी संजना जड़ मूर्ति की तरह एकरस, एकाग्र हो बिराजमान रहीं।इसी तारतम्य में नन्ही कन्याओं द्वारा बहुत ही प्रेरणादायी नृत्य नाटिका का मंचन किया गया जिसका विषय था कलियुग का विनाश।

इसमे नरसिंहपुर, गाडरवारा,बरेली के वाल्य कलाकारों द्वारा मनमोहक गीत संगीत नृत्य प्रस्तुत किया गया। यह कार्यक्रम नवमी तक ब्रम्हकुमारी जयन्ती दीदी के मार्गदर्शन मेआयोजित किया गया।