Let’s travel together.

हिंसा न करना ही अहिंसा है-आचार्य श्री विद्यासागर महाराज

0 164

 

सुरेंद्र जैन रायपुर

संत शिरोमणि 108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ससंघ चंद्रगिरि डोंगरगढ़ में विराजमान है | आज के प्रवचन में आचार्य श्री ने बताया कि बड़े – बड़े नगर, गाँव से बहुत दूर – दूर से आप लोग दर्शन के लिये अच्छे श्रद्धा, भक्ति भाव के साथ आ रहे हैं | शब्द के बिना अपने भावों कि अभिव्यक्ति नहीं किया जा सकता है | अहिंसा क्या है ? अ + हिंसा = अहिंसा अर्थात हिंसा से दूर रहो | अहिंसा का पालन करो | हिंसा का जहाँ अभाव हो गया है वही अहिंसा है | मंदिर में श्री जी का दर्शन कर शांति से बैठे है | स्तुति, वंदना आदि कर लेते हैं और यदि स्तुति आदि नहीं भी करते हैं और शांति से बैठे है और किसी का प्रतिकार नहीं करते हैं तो आपको भी उतना ही लाभ मिलेगा जितना स्तुति करने वाले को मिलता है | यह सब कुछ साधु श्रावकों को समझा रहे थे | अपनी – अपनी क्षमता के अनुसार सबको समझ आ गया | वही पास में एक सर्प बैठा था उसने सब सुना तो उसको लगा कि धर्म इतना सरल और सहज है तो वह महाराज के पास गया और डंडवत प्रणाम किया डंडवत समझते हो डंडे कि तरह सीधा लेटकर साष्टांग नमस्कार किया | महाराज ने कहा तुम भी नियम संयम ले लो तुम भी मनुष्य जैसा धर्म पालन कर सकते हो | आज से किसी को भी डसना नहीं काटना नहीं क्योंकि काटने से भी बहुत बड़ी हिंसा होती है इसलिए श्रावक लोग भी साग, सब्जी, फल आदि को बनाने के पहले सुधारते है काटते नहीं है | धर्म को इतना सरल जानकर सर्प ने नियम ले लिया कि आज से किसी को काटूँगा नहीं वह फणधारी सर्प था | नियम लेने के बाद वह किसी को भी काटता नहीं था कोई कुछ भी करे सब को क्षमा – क्षमा – क्षमा कर देता था | अब तो बच्चे भी उसकी मूछ और पूंछ पकड़कर उसके साथ खेलने लगे | कोई भी आते जाते उसको छेड़ने लगा | फिर वह महाराज के पास गया और उनको बताया कि उसके साथ ऐसा दुर्व्यवहार किया जा रहा है तो महाराज ने कहा कि हमने आपको नहीं काटने का नियम दिया था परन्तु आप अपनी रक्षा के लिये फूस – फूस फुंकार मार सकते हो | सर्प ने कहा कि महाराज आप तो सब पर उपकार करते हो आपने मुझपर भी बहुत बड़ा उपकार किया है | सर्प जब बाज़ार कि ओर जाता है तो उसकी फूस – फूस फुंकार को देखकर सेठ – साहूकार, बच्चे आदि भयभीत हो जाते हैं और उससे दूर हो जाते हैं | हमें भी अपने व्यवहार में सरलता और सहजता रखना चाहिये न ही क्रोधित होकर दुर्व्यवहार करना चाहिये | क्रोधी व्यक्ति और दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति से लोग दूरी बना लेते हैं | यह कथा हमने दूसरी कक्षा में पढ़ी थी आपको भी इससे सीख लेना चाहिये और अपने व्यवहार को अच्छा बनाने का प्रयास करना चाहिये|आज आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को नवधा भक्ति पूर्वक आहार कराने का सौभाग्य ब्रह्मचारिणी धारिणी दीदी शिवपुरी मध्य प्रदेश निवासी परिवार को प्राप्त हुआ

Leave A Reply

Your email address will not be published.

भोपाल कूच कर रहे किसानों का औबेदुल्लागंज में भारी जमावड़ा, 100% मूंग खरीदी की मांग पर अड़े अन्नदाता     |     बैंककर्मी युवती पलक काशिव की इंदौर खजराना में हुई  संदिग्ध परिस्थितियों में मौत     |     आंदोलनों की ‘नई भाषा’ भी रची जेन ज़ी के आक्रोश ने -अजय बोकिल      |     स्वर्णकार श्रेष्ठ फाउंडेशन’ का मोबाइल एप लॉन्च प्रतिभाओं व युवाओं को मिलेगा नया अवसर, रायसेन के विशाल सोनी सम्मानित     |     हलाली डैम मार्ग बना हादसों का इंतजार, पुराना रास्ता बंद कर 100 फीट गहरी खाई के किनारे से गुजरने को मजबूर हैं लोग     |     जगन्नाथ पुरी धाम यात्रा पर रवाना हुए श्रद्धालुओं का पूर्व विधायक भूरिया और पार्षद कटारे ने किया आत्मीय स्वागत     |     CCTV के ‘पहरे’ में सेंध! सरदारपुर नए अस्पताल में 50 कैमरे, पुराने में ‘जीरो’… कर्मचारी की बाइक चोरी     |     पैरामेडिकल विद्यार्थियों के हित में पंजीयन प्रक्रिया होगी और सरल :उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल     |     सांची-विदिशा हाईवे पर दर्दनाक हादसा, युवक ऋषि आचार्य की मौत     |     बच्चों को हर प्रकार की उत्कृष्ट शिक्षा के साथ संस्कार भी मिल सकेंगे ।बच्चों को नवीन भवन का सपना पूरा हुआ- प्रभारी मंत्री पवार     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811