कांग्रेस ने मणिपुर में पिछले दिन हुई हिंसा के कारणों का पता लगाने तथा वहां की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए तीन सदस्यीय तथ्यान्वेषी दल का गठन किया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह दल जल्द ही मणिपुर जाएगा। इसमें कांग्रेस के महासचिव मुकुल वासनिक, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय कुमार और त्रिपुरा के विधायक सुदीप रॉय बर्मन शामिल हैं। इस दल से अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपने के लिए कहा गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने खरगे से की मुलाकात
उधर, मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। खरगे ने ट्वीट किया था, ‘‘मणिपुर कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने उन मुश्किलों के बारे में मुझे अवगत कराया जिसका सामना राज्य के लोगों को करना पड़ा है। पर्यवेक्षकों का एक दल जल्द ही वहां भेजा जाएगा ताकि जमीनी वास्तविकता का जायजा लिया जा सके।” उन्होंने कहा कि मणिपुर में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और यह काफी परेशान करने वाली बात है।
हिंसा में 60 से अधिक लोगों की मौत हुई थी
खरगे ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार को वह हरसंभव प्रयास करना चाहिए जिससे राज्य में सामान्य स्थिति बहाल हो सके। शांति सुनिश्चित करने में हर समुदाय को योगदान करना है अत: सभी लोगों को भरोसे में लिया जाए।” मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में शामिल करने की मांग का विरोध करने के लिए छात्रों के एक संगठन द्वारा आहूत ‘आदिवासी एकता मार्च’ में हिंसा भड़क गई थी। हिंसा में 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग विस्थापित हुए थे।
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