ग्वालियर अंचल में सिंधिया के जाने के बाद भी कम नहीं हो रही कांग्रेस की गुटबाजी,नई कार्यकारिणी गठन के बाद विवाद
– कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही कुछ पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
– विधानसभा चुनाव से पहले सड़कों पर आई कांग्रेस की गुटबाजी
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
ग्वालियर अंचल की राजनीति में पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के कारण कांग्रेस की गुटबाजी चरम पर थी लेकिन अब ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़े जाने के बाद भी पार्टी की आपसी गुटबाजी और कलह कम नहीं हो रही है। शिवपुरी में अभी हाल ही में कांग्रेस शहर की जो नवीन कार्यकारिणी बनाई गई है उसमें कलह का दौर शुरू हो गया है। नवीन कार्यकारिणी में जिन पदाधिकारियों को लिया गया था उनमें से कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इसके पीछे कांग्रेस की आपसी गुटबाजी बताई जा रही है। बताया जाता है कि पिछले दिनों कांग्रेस के नए जिला अध्यक्ष बनाए गए विजय सिंह चौहान को लेकर कुछ पुराने कांग्रेसी नाराज हैं। पुराने कांग्रेसी नए युवा चेहरों को आगे नहीं लाने देना चाह रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा को पहले जिलाध्यक्ष पद से हटाया गया था लेकिन उसके बाद उन्हें शहर कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के बाद श्रीप्रकाश शर्मा ने अपनी नवीन कार्यकारिणी बनाई जिसमें कुछ पदाधिकारियों को शामिल किया लेकिन शहर कांग्रेस कार्यकारिणी में से कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि वह कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे और पद लेना नहीं चाहते हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले कलह शुरू-
मप्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाल हैं। चुनावी वर्ष में कांग्रेस में चल रही गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। कुछ दिन पहले गठित हुई कांग्रेस की कार्यकारिणी के दो पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह दोनों पदाधिकारी शहर कांग्रेस की सूची में शामिल थे, जो अब सामान्य कार्यकर्ता ही रहना चाहते हैं। शहर कांग्रेस की कार्यकारिणी में शहर उपाध्यक्ष बनाए गए सफदर वेग मिर्जा, महासचिव देवसिंह तोमर और विशेष आमंत्रित सदस्य अतीक अहमद शिवानी ने इस्तीफा दे दिया है। इन पदाधिकारियों द्वारा इस्तीफा देने के पीछे बताया जा रहा है कि कांग्रेस यहां पर दो खेमों में बंट गई है।
पहले विवाद के कारण रोकनी पड़ी थी कार्यकारिणी-
इससे पहले शिवपुरी में कांग्रेस की गुटबाजी उस समय सामने आई थी, जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष के पद से श्रीप्रकाश शर्मा को हटाकर विजय सिंह चौहान को कमान सौंपी थी। विजय सिंह चौहान के जिलाध्यक्ष बनने के बाद श्रीप्रकाश शर्मा ने कांग्रेस संगठन से शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद हासिल कर लिया था। उसके बाद जब कांग्रेस की कार्यकारिणी घोषित हुई तो 24 घंटे पहले ही वो सूची स्थगित कर दी गई, क्योंकि उसमें कुछ नामों में बदलाव करना था। इसके बाद भोपाल से हरी झंडी मिलने के बाद दोनों अध्यक्ष एक ग्रामीण और एक शहर ने अपनी-अपनी कार्यकारिणी घोषित की लेकिन अब इस कार्यकारिणी के आने क बाद इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस कार्यकारिणी की संशोधित सूची जारी होने के महज कुछ दिन बाद ही शहर कांग्रेस के उपाध्यक्ष सफदरबेग मिर्जा व महासचिव देवसिंह तोमर ने अपने पद से इस्तीफा देकर सामान्य कार्यकर्ता बनकर ही कांग्रेस का काम करने की बात कही है। वहीं दूसरी ओर शहर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा ने कहा कि मुझे इस्तीफा की जानकारी नहीं है। चुनावी वर्ष होने से पार्टी ने काम सौंपे हैं, जिसको लेकर हो सकता है कि वो काम नहीं कर पा रहे होंगे। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय सिंह चौहान ने कहा कि दोनों पदाधिकारी शहर कांग्रेस के हैं, और शहर के 39 वार्डों की कमान पूर्व जिलाध्यक्ष के हाथ में है। मैंने तो दोनों पदाधिकारियों को बहुत समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।