भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान (आईएएसई), भोपाल में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन विषयक प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के संचालक डॉ. रामकुमार स्वर्णकार ने विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षणार्थियों को पर्यावरण के महत्व तथा भारतीय संस्कृति से उसके गहरे संबंध के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रकृति और पर्यावरण को विशेष महत्व दिया गया है। वृक्ष, नदियां, पर्वत और भूमि को पूजनीय मानकर उनके संरक्षण का संदेश दिया गया है। डॉ. स्वर्णकार ने कहा कि एक वृक्ष दस पुत्रों के समान होता है और पीढ़ियों तक समाज को लाभ पहुंचाता है। वायु, जल, भूमि एवं आकाश जैसे प्राकृतिक तत्वों की शुद्धता बनाए रखना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा प्रकृति से प्राप्त संसाधनों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।
इस मौके पर नीता यादव, कैलाश अहिरवार ने पीपीटी के माध्यम से पर्यावरण का महत्व बताया तथा मनोज नायक व संतोष विश्वकर्मा ने पर्यावरण आधारित प्रेरणास्पद प्रसंग सुनाए। कार्यक्रम में संस्थान के मेंटर्स डा. भारती श्रीवास्तव, अर्चना चौहान व माधुरी खरे की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विचार साझा किए गए। सभी एमएड एवं बीएड प्रशिक्षणार्थियों तथा उपस्थित जनों ने प्रकृति की रक्षा, अधिकाधिक वृक्षारोपण और स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। अंत में प्रशिक्षणार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।