Let’s travel together.

हाईवे-18 पर हादसों का सिलसिला जारी, दो महिलाएं घायल

0 14

 घाटी में टला बड़ा हादसा, केमिकल फैलने से दिनभर फिसलते रहे वाहन

मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन

भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर सड़क दुर्घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कुछ ही घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग हादसे सामने आए, जिनमें दो महिलाएं घायल हो गईं, जबकि बालमपुर घाटी पर एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। वहीं घाटी पर फैले केमिकल युक्त कचरे के कारण पूरे दिन वाहन चालक परेशान रहे और कई बार जाम की स्थिति बनी रही।

ट्रक और ऑटो की टक्कर में दो महिलाएं घायल

बालमपुर स्थित बरार पेट्रोल पंप के सामने एक ट्रक और ऑटो की टक्कर हो गई। हादसे के समय दीवानगंज की 4 से 5 महिलाएं ऑटो में सवार होकर भोपाल जा रही थीं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो में बैठी मोनिका पिता संजू गिर एवं मधु पति जग्गू गिर नीचे गिरकर घायल हो गईं।

घटना के बाद दोनों घायलों को तत्काल दीवानगंज के एक निजी अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। बताया जा रहा है कि इलाज का पूरा खर्च ट्रक चालक ने वहन किया, जिसके चलते किसी भी पक्ष द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।

बालमपुर घाटी पर बस की टक्कर से पलटा लोडिंग ऑटो

इसी दिन शाम बालमपुर घाटी पर एक और बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार विदिशा से भोपाल की ओर जा रहा कार्टून से भरा एक लोडिंग ऑटो घाटी चढ़ रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही शक्ति कंपनी की बस ने ऑटो को टक्कर मार दी।

टक्कर लगते ही लोडिंग ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में बस का अगला शीशा भी टूट गया। दुर्घटना के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि ऑटो चालक, बस में सवार यात्रियों और अन्य किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि वाहन की रफ्तार अधिक होती तो हादसा बेहद गंभीर हो सकता था। घटना के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया, इसलिए पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।

घाटी पर फैला केमिकल बना मुसीबत

स्थानीय लोगों ने बताया कि  ट्रक से बीयर फैक्ट्री का कचरा या केमिकल युक्त पदार्थ बालमपुर घाटी पर बिखर गया था। इसके कारण सड़क पर चिकनाहट फैल गई और पूरे दिन वाहन चालकों को फिसलन का सामना करना पड़ा।

कई दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोते-खोते बचे, जबकि भारी वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित हुई। सड़क पर बार-बार जाम की स्थिति बनती रही और यातायात बाधित होता रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सड़क की सफाई नहीं होने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहा।

‘हादसों का हॉटस्पॉट बन चुकी है बालमपुर घाटी’

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बालमपुर घाटी हाईवे-18 का सबसे संवेदनशील हिस्सा बन चुकी है। यहां चढ़ाई, तीखे मोड़ और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद सुरक्षा इंतजामों और यातायात नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्रबंधन से मांग की है कि बालमपुर घाटी पर नियमित निगरानी, चेतावनी संकेत, सड़क की समय पर सफाई तथा यातायात नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

एक दिन में दो हादसे, कई बार लगा जाम

हाईवे-18 पर हुए हादसों और सड़क पर फैली फिसलन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक यह मार्ग दुर्घटनाओं का गवाह बनता रहेगा। सौभाग्य से इस बार जनहानि नहीं हुई, लेकिन हालात बताते हैं कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

हाईवे-18 पर हादसों का सिलसिला जारी, दो महिलाएं घायल     |     काले बादलों और बारिश ने दी राहत, फिर निकली तेज धूप ने बढ़ाई उमस     |     आस्था के पहियों पर हजारों किलोमीटर का सफर     |     इंदौर में 9 से 13 जून तक अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन, दुनिया भर के विशेषज्ञ होंगे शामिल     |     असामाजिक तत्वों द्वारा शमशान मे रखी पानी की टंकी मे तोड़ फोड      |     धरसींवा को मिली उप रजिस्ट्रार कार्यालय की सौगात, 60 गांवों के ग्रामीणों को रायपुर की दौड़ से मिली मुक्ति     |     बारिश से पहले सड़क-पुलिया नहीं बनी तो चार माह कट जायेगा गांव का संपर्क     |     ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत क्लस्टर कार्यशाला संपन्न     |     अचानक बारिश से जलभराव से जूझे नगरवासी, पानी निकासी के अभाव ने बढ़ाई परेशानी     |      गढ़ी का ऐतिहासिक तालाब बदहाली का शिकार जीर्णोद्धार की उठी मांग     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811