– शिवुपरी जिले के छान गांव पहुंचकर किया गया रेस्क्यू
– पिछले कुछ दिनों से पवन नामक चीता कूनो की सीमा को छोड आया था
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से भागे ओवान यानि की पवन नामक चीते को ट्रेंकुलाइज कर वापस कूनो ले जाया गया है। कूनो नेशनल पार्क की सीमा से पहले शिवपुरी की माधव राष्ट्रीय उद्यान तक आने और इसके बाद सुरवाया होते हुए करैरा में सिंध नदी पार कर उप्र बॉर्डर तक पहुंचने से पहले ही इस चीते को पवन को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया है। शनिवार को यह चीता उप्र से लगे करैरा के जंगलों तक पहुंच गया था। इसके बाद इसे वन अधिकारियों ने ट्रेंकुलाइज करने का निर्णय लिया। शनिवार को कूनो नेशनल पार्क की विशेष रेस्क्यू टीम छान गांव पहुंची हुई थी। यहां पर कूनो नेशनल पार्क से भागे चीते पवन को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया है। गौरतलब है कि पिछले सात दिन यह यह चीता लगातार अपनी सीमा बढ़ाते हुए विचरण कर रहा था।
लगातार रखी जा रही थी नजर-
वन विभाग की टीम द्वारा लगातार पवन नामक चीते पर नजर रखी जा रही थी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही लगा कि यह चीता अब ज्यादा दूरी नाप रहा है तो इसे ट्रेंकुलाइज करने का निर्णय लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद पवन चीते को ट्रेंकुलाइज आमोला थाना क्षेत्र के आमोला क्रेशर के पास छान गांव से किया गया। पवन को ट्रेंकुलाइज करने के लिए कूनो नेशनल पार्क की विशेष रेस्क्यू टीम छान गांव पहुंची हुई थी। शनिवार को शाम 4 बजे पवन को ट्रेंकुलाइज किया गया। पवन को टीम अपने साथ कूनो नेशनल पार्क ले गई।
माधव नेशनल पार्क सहित कई गावों में भ्रमण कर रहा था चीता-
कूनो नेशनल पार्क से भागा यह चीता लगातार अपनी सीमा बदल रहा था। बीते 16 अप्रेल कूनो नेशनल पार्क से ओवान नाम चीता निकलकर शिवपुरी की सीमा में प्रवेश कर गया था। इसके बाद लगातार सात दिनों से ओवान चीता जिले के माधव नेशनल पार्क सहित कई गावों में भ्रमण कर रहा था। इन सात दिनों में ओवान ने चार हिरण, एक गाय के बछड़े सहित एक बकरी का शिकार किया था। इसी दौरान ओवान नाम पीएम नरेंद्र मोदी ने पवन रखा था। अब इसे दोबारा से कूनो नेशनल पार्क ले जाया गया है।