रायपुर। राजधानी के त्रिवेदी परिवार ने होम्योपैथी चिकित्सा सेवाओं से रोगियों को ना सिर्फ जीने की नई राह दिखाई। 40 वर्षों के संघर्ष से होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को राज्य में स्थापित कर अलग पहचान भी बनाई है।
टाटीबंध निवासी डा. विद्याकांत त्रिवेदी जिन्होंने 40 वर्ष पूर्व वर्ष-1983 से रायपुर में होम्योपैथी चिकित्सा सेवाओं की शुरुआत की। आर्थिक तंगी के बीच गरीब मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध भाव सिर्फ एक ही था कि रोगी स्वस्थ होकर जाए। मरीज जो देते खुशी-खुशी रख लेते। उन्हीं पैसों से दवाएं खरीद दूसरों की मदद को फिर से तैयार हो जाते।
डा. विद्याकांत ने बताया कि सेवाभाव को देखते हुए कुछ लोगों ने उनकी मदद की और 10 वर्ष निश्शुल्क सेवाओं के बाद वर्ष-1993 में होम्योपैथी क्लीनिक की शुरुआत की। क्लीनिक में सेवाएं उपलब्ध कराने का सफर शुरू हुआ तो दो बेटे डा. उपेन्द्र त्रिवेदी व डा. उत्कर्ष त्रिवेदी ने भी पिता का हाथ पकड़कर नन्हें हाथों से रात-रात दवाएं बनाते और पैकिंग में जुट जाते।
स्कूली शिक्षा के बीच पिता के प्रैक्टिस में हाथ बढ़ाते दो बेटों ने सेवार्थ के लिए होम्योपैथी चिकित्सक की पढ़ाई की। और होम्योपैथी डाक्टर बन मरीजों के रोग को दूर करने सक्रिय हो गए। आज दोनों युवा चिकित्सक राजधानी में बेहतर सेवाएं उपब्ध करा रहे हैं। कोरोनाकाल में भी हजारों परिवारों को निश्शुल्क इलाज व दवाओं से स्वस्थ किया।
पिता की सीख आई काम
डा. उपेन्द्र त्रिवेदी ने बताया कि बचपन से ही पिता को लोगों की सेवा करते देखा। उनके संघर्ष को करीब से जाना। हमेशा उनकी सीख काम आई। होम्योपैथी डाक्टर बनने के बाद सेवाएं शुरू करने पर ऐसा दिन भी आया कि लोग इस पद्धति पर विश्वास ही नहीं कर रहे थे। पिता हर मोड़पर खड़े रहे। हमने कई ऐसे रोगियों का इलाज किया, जो लंबे समय तक बीमारियों से ग्रस्त रहे। और लोगों का भरोसा होम्योपैथी पर बढ़ना शुरू हुआ।
डा. उत्कर्ष त्रिवेदी ने बताया कि 12वीं के बाद मन में आया कि इंजीनियरिंग करना है। तब पिता ने क्लीनिक बुलाया और दवाएं बनाने बिठा दिया। घंटों क्लीनिक में बैठा। फिर उन्होंने कहा कि मरीजाें से बात कर उनकी तकलीफ को सुनों और समझों। इस बीच उनकी पीड़ा को महसूस करते ही जो मन इंजीनियरिंग करने के लिए बदला था। ठान लिया कि होम्योपैथी डाक्टर बन मरीजों की सेवाएं करनी है। आज पिता का सपना साकार कर रहे हैं।
आर्थिक कमजोरों को दे रहे निश्शुल्क सेवाएं
डा. त्रिवेदी होम्योपैथीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को निश्शुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से निश्शुल्क स्वास्थ्य जांच, दवाएं वितरण जैसे कार्यों में भी लगे हैं।
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