जनप्रतिनिधियों के इधारे पर नगर परिषद के कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन की रजिस्ट्री करा दी
भाजपा के पार्षदों ने कलेक्टर से पांच हजार स्क्वायर फीट सरकारी जमीन की रजिस्ट्री किए जाने की शिकायत की
मंगलवार को सीएमओ ने सरकारी जमीन का अतिक्रमण जेसीबी से हटवाया
करीब पांच करोड़ रु के लेन-देन की आशंका, एक कॉलोनी में भी सरकारी जमीन देकर प्लॉट लेने के आरोप
रामभरोस विश्वकर्मा मंडीदीप/औबेदुल्लागंज रायसेन
राजधानी से सटी भोजपुर विधानसभा में भ्रष्टाचार की सीमाएं पार होने के बाद अब जनप्रतिनिधियों व सरकारी वर्ग की सांठगांठ से सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री होने लगी है। जब मामले की शिकायत नगर परिषद उपाध्यक्ष सहित पार्षदों ने कलेक्टर रायसेन अरूण विष्कर्मा व सीएमओ किरण राहंगडाले औबेदुल्लागंज से की, तब जाकर जिम्मेदारों की आंखें खुले और मंगलवार को अधिकारियों ने सरकारी जमीन का कब्जा हटाने जेसीबी पहुंचाई।

रायसेन कलेक्टर व सीएमओ किरण राहंगडाले को नगर परिषद उपाध्यक्ष व पार्षदों ने लिखित में मामले की शिकायत की है। शिकायत में कहा गया है कि वार्ड क्र-4 में शासकीय कन्याशाला के पीछे व रहवासी इलाके से लगी हुई सरकारी जमीन वर्षों से खाली पड़ थी, जिस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे। पिछले वर्ष भोपाल निवासी विशाल सेन पिता प्रकाश सेन व उसकी पत्नी कीर्ति सेन निवासी करोंद, भोपाल के नाम पर 50 बाई 100 फीट यानी 500 स्क्वायर फीट सरकारी जमीन पर फर्जी कब्जा दर्शाने के लिए पिछले वर्ष अगस्त में नगर परिषद की टैक्स रसीद काटी गई। इसके बाद अक्टूबर ने उप पंजीयक ने जमीन के दस्तावेजों की जांच किए बिना इसकी रजिस्ट्रियां शुरू कर दी। पार्षदों का कहना है कि एक दर्जन फर्जी रजिस्ट्रियां हुई हैं, जिसमें से उन्होंने तीन रजिस्ट्री सीएमओ के समक्ष प्रस्तुत की है।

नगर परिषद कार्यालय से बने फर्जी दस्तावेज
नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों ने पिछले वर्ष अगस्त में सरकारी जमीन बेचने की दो योजना बनाई थी। जिसमें से एक नगर परिषद के सामने फूटपाथ पर सरकारी पक्की दुकान बनाकर व्यापारियों को बेचने की। जिसमें सरकारी जमीन की रजिस्ट्री नहीं होती और इसमें करोड़ रु भ्रष्टाचार करने की योजना थी, लेकिन खबर आने के बाद फूटपाथ व नर्मदा पाइप लाइन पर बन रही दुकानाें का काम रोक दिया गया था। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने नगर परिषद के स्टॉफ के साथ मिलकर अब वार्ड चार के पीछे सरकारी जमीन पर कब्जा दर्शाकर जमीन बेचने की योजना बनाई। इसके रूपरेखा नगर परिषद में बैठकर ही बनाई गई। पहले भोपाल निवासी विशाल सेन के नाम पर अगस्त में एक टैक्स की रसीद काटी गई। और उसके आधार पर रजिस्ट्रार से कथाकथिक सांठगांठ कर सरकारी जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई।

रिकार्ड नगर परिषद से गायब, सीएमओ को नहीं मिल रहे दस्तावेज
सरकारी जमीन की रजिस्ट्री कराने में अगस्त 2025 में नगर परिषद की टैक्स रसीद का जिक्र किया गया है। रजिस्ट्री में विशाल सेन की पत्नी कीर्ति सेन ने सह स्वामित्व के अाधार पर ग्राम अंबाई निवासी फूलचंद के नाम पर नौ सौ स्क्वायर फीट जमीन की जो रजिस्ट्री कराई है, उस रजिस्ट्री में यह जिक्र किया गया है कि नगर परिषद द्वारा इस सरकारी जमीन का विक्रेता ने नामांतरण भी करा लिया है। जब सीएमओ को मामले की शिकायत की गई और उन्होंने दस्तावेज का निरीक्षण किया तो पाया कि नामांतरण संबंधित कोई दस्तावेज कार्यालय में नहीं है। वहीं रजिस्ट्री में पैतृक संपत्ति दर्शाई गई है, जब सीएमओ ने पाया कि इस रसीद से पहले कोई रसीद इस नाम की कार्यालय से नहीं काटी गई थी। कर्मचारियों ने अधिकतर दस्तावेज गायब कर दिए हैं। जिसकी सीएमओ द्वारा जांच कराई जा रही है।
यूथ कांग्रेस ने एफआईआर दर्ज करने ज्ञापन सौंपा
यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने मंगलवार को एसडीएम, एसडीओपी व सीएमओ को सरकारी जमीन की रजिस्ट्री कराए जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन कहा गया है कि शासकीय अधिकारी एवं जन प्रतिनिधियों की मिलीभगत से नगर की करोड़ों की जमीन गलत तरीके से बेच दी गई। परमार ने कहा कि केवल टैक्स रसीद के आधार पर जमीन बेचने वालों पर अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। वहीं यूथ जिला अध्यक्ष परेश नागर ने कहा कि सरकारी जमीन बेचने का मामला विधाससभा में उठवाऐंगे, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके।
दोषियों पर कार्रवाई होगी-सीएमओ
शिकायत पर कार्यवाही करते हुए आज स्थल से अतिक्रमण हटाया गया है। रजिस्ट्रार कार्यालय से अवैध रजिस्ट्री से संबंधित निकाय के दस्तावेज मांगे गए हैं, कार्यालय में प्रकरण का परीक्षण जारी है,जिसकी भी भूमिका होगी उसपर कार्यवाही की जाएगी। संबंधित संपत्ति की आईडी भी फ्रीज़ कर दी गई है। पुलिस को भी पत्र लिख दिया है मुकदमा कायम करने के लिए
किरण राहंगडाले, सीएमओ नप औबेदुल्लागंज