हितग्राहियों ने दुकान पर जड़ा ताला, पर्चियां फाड़ने और अभद्र व्यवहार का भी आरोप; प्रशासन ने शुरू की जांच
सिलवानी रायसेन ।रायसेन जिले के सिलवानी से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन दुकान संचालक ने हितग्राहियों के फिंगरप्रिंट लगवाकर राशन की पर्चियां निकाल लीं, लेकिन इसके बाद उन्हें राशन उपलब्ध नहीं कराया गया। करीब चार महीने से राशन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में महिलाएं राशन दुकान पहुंचीं और विरोध जताते हुए दुकान पर ताला जड़ दिया।

ग्रामीण महिलाओं के मुताबिक, उन्होंने अपने हिस्से के राशन के लिए कई बार दुकान संचालक से संपर्क किया, लेकिन उन्हें राशन नहीं मिला। आरोप है कि हितग्राहियों से फिंगरप्रिंट लेने के बाद राशन की पर्चियां भी निकाल ली गईं। जब ग्रामीणों ने पर्ची और राशन के संबंध में जानकारी मांगी तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

पर्चियां फाड़ने का भी आरोप
विरोध कर रही महिलाओं ने राशन दुकान संचालक पर हितग्राहियों की राशन पर्चियां फाड़ने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से राशन नहीं मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
महिलाओं ने दुकान पर लगाया ताला
राशन नहीं मिलने से नाराज महिलाएं जब दुकान पर पहुंचीं तो विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद महिलाओं ने दुकान के दरवाजे पर ताला लगा दिया और अपने हिस्से का राशन दिलाने की मांग की। मामले की जानकारी प्रशासन को मिलने के बाद नायब तहसीलदार सिलवानी महेंद्र सिंह राजपूत मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
मामले में अब प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि हितग्राहियों के फिंगरप्रिंट लेने के बाद राशन की पर्चियां वास्तव में निकाली गई थीं या नहीं, संबंधित हितग्राहियों के नाम पर कितना राशन दर्ज हुआ और उन्हें राशन क्यों नहीं दिया गया।
विधायक देवेंद्र पटेल के पहुंचने और समझाइश के बाद माने लोग
चक्काजाम और प्रदर्शन की सूचना पर सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल महिलाओ के बीच पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।इसके बाद विधायक ने अधिकारियों को मामले में जांच और कड़ी कारवाही के निर्देश दिए। श्री पटेल के आश्वासन,समझाइश के बाद लोग माने और प्रदर्शन समाप्त किया
यदि जांच में ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं तो राशन वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आ सकता है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है और जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि राशन वितरण में गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करते हुए हितग्राहियों को उनका लंबित राशन दिलाया जाए।