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विधानसभा में महू की घटना पर विपक्ष आक्रामक, हंगामेे के बाद कार्यवाही दस मिनट के लिए स्‍थगित

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भोपाल  ।   मप्र विधानसभा का इन दिनों बजट सत्र चल रहा है। गुरुवार को विधानसभा की कार्रवाई प्रारंभ होते ही नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने महू में एक युवती की मृत्यु और पुलिस फायरिंग में एक आदिवासी युवक की मृत्यु का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा है, गृह मंत्री इस पर अपना वक्तव्य दें। गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि घटना को लेकर दो तरह की बात अब तक प्रकाश में आई है। जिस बिटिया की मृत्यु हुई है, उसे पानी गर्म करने की राड से करंट लगा, जिससे मृत्यु हुई। स्वजन ने इसे हत्या बताया, जाम लगाया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। सभी लोग थाने में जुट गए और स्वयं न्याय देने की बात करने लगे उन्होंने पथराव किया! थाना प्रभारी घायल हुए, जिन्‍हें इंदौर रेफर किया गया है। 13 अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस कर्मियों ने बचाव में गोली चलाई, जिससे दुखद घटना हुई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मजिस्ट्रियल जांच की घोषणा कर दी है। थोड़ी देर बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि भले ही मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दे दिए, लेकिन यह मामला चलने वाला नहीं है। आंकड़े बताते हैं कि पूरे प्रदेश में अनुसूचित जनजाति पर अत्याचार की क्या स्थिति है। 18 साल की सरकार में 13 बार मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति वर्ग के साथ अत्याचार के मामले में देश में प्रथम और 05 बार दूसरे पायदान पर रहा है। यह स्थिति दुखद है। मजिस्ट्रियल जांच कई बार होती है, लेकिन मामला टल जाता है। जांच की समय सीमा तय की जानी चाहिए। वहीं डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधो ने कहा कि रात को जब लड़की की मृत्यु हुई, तब पुलिस रिपोर्ट नहीं लिख रही थी। जब बहुत दबाव बनाया गया तो रिपोर्ट लिखी गई। सुबह पुलिस अधीक्षक की उपस्‍थिति में अंतिम संस्कार किया गया। स्वजन का आरोप है कि लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या की गई है। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि इस विषय को लेकर स्थगन सूचना भी प्राप्त हुई है।

इस विषय के बाद कांग्रेस विधायक लाखन सिंह यादव ने भितरवार विधानसभा में राशन दुकानों की जांच का विषय उठाया और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत खाद्यान्न वितरण नहीं होने की बात कही। साथ ही उन्होंने समिति बनाकर जांच कराने और उसमें स्वयं को शामिल किए जाने का विषय उठाया। इस पर जब विभागीय मंत्री तैयार नहीं हुए तो कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा किया। इसी बीच सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी मामले में जांच नहीं कराना चाहती है। केंद्र में भी यही हो रहा है। विपक्ष द्वारा संयुक्त संसदीय समिति बनाकर अडाणी मामले में जांच कराने की मांग की जा रही है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने राहुल गांधी द्वारा विदेश में देश विरोधी बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा, जिसको लेकर हुए हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

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