अंधाधुंध खनन:गौहरगंज की 7 खदानों पर 10 से ज्यादा गिट्टी क्रेशर ,ब्लॉस्ट के धमाकों से घरों स्कूलों में आईं दरारें, क्रेशर की उड़ती धूल से फसल भी बर्बाद
शिवलाल यादव रायसेन
रायसेन जिले की चिलवाहा की स्टोन गिट्टी क्रेशरों सहित तहसील गौहरगंज की घाट बम्होरी, ड़मडोंगरी सेंचुरी एरिया में धड़ल्ले से चल रही गिट्टी क्रेशर कई नियम कायदों को ताक पर रखकर चलाई जा रही हैं।गिट्टी क्रेशर मालिक ब्लॉस्ट प्रक्रिया बगैर माइनिंग महकमे के खनिज निरीक्षकों की मौजूदगी में खुद ही धमाके चलवा रहे हैं।जिससे सरकारी स्कूल आंगनबाड़ियों सहित घरों की दीवारों में दरारें तक आ चुकी हैं।कलेक्टर की मंगलवार को आयोजित जन दरबार में ग्रामीण लामबन्द होकर उक्त गिट्टी क्रेशरों को बंद कराने की गुहार लगाने रायसेन आ चुके हैं।लेकिन मामला आया गया हो गया।
गौहरगंज तहसील के ब्लॉक ओबेदुल्लागंज के आसपास के गांवों में चल रहीं 14 से ज्यादागिट्टी क्रशर मशीनों के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है।

जिले की तहसील गौहरगंज से लगे जंगलों से लगे गांवों में चल रहीं 14 से ज्यादा गिट्टी क्रशर मशीनों के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है।
बताया जा रहा है कि गिट्टी क्रेशरों से लगे जंगलों व आसपास के गांवों में बड़ी-बड़ी खाईयां बन गई हैं। गांव के अभी तक 5-6 बच्चों की बारिश के पानी से भरी इन्हीं गहरी खाइयों में डूबकर मौत भी हो चुकी है। जहां गिट्टी क्रशर संचालित है उस क्षेत्र के तीन ओर बड़ी दीवार होना चाहिए। सुबह और शाम सिंचाई जरूरी है, जिससे गिट्टी क्रेशरों की डस्ट हवा में न उड़े। लेकिन नियमों कायदों का पालन नहीं किया जा रहा है।
पांजरा गांव के फूल सिंह प्रभुलाल श्याम सिंह बताते हैं कि रोजाना गांव से 100 से ज्यादा डंपर निकलते हैं। धूल कजु उड़ते गुबारों से परेशानी हो रही है। डंपरों के कारण गांव में बच्चे भी घरों से नहीं निकल पाते। गांव में 300 से ज्यादा घर हैं।जिला खनिज अधिकारी आरके कैथल का कहना है कि मेरे पास काम बहुत हैं पिछले चार माह से निरीक्षण नहीं हुआ, जल्द ही निरीक्षण करेंगे।

खनिज मंत्री बोले- नियम तोड़ रहे तो कार्रवाई होगी…..
गिट्टी क्रशरों पर नियम पालन न किए जाने का मामला आपने बताया है।मैं इसकी जानकारी लेता हूं। नियमानुसार लापरवाह गिट्टी क्रेशर संचालकों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।’
-बृजेंद्र प्रताप सिंह, खनिज मंत्री मप्र शासनधूल से लोगों को हो सकती है श्वांस-दमा की बीमारी….
गिट्टी क्रेशर क्षेत्रों में
“धूल वाले इलाकों में लोगों के लिए श्वांस-दमा की शिकायत हो सकती है। बम ब्लॉस्ट के धमाकों के कारण बच्चों और बुजुर्गों को कम सुनने की समस्या भी आ सकती है।”
-डॉ.राघवेंद्र त्रिपाठी नाक कान गला रोग विशेषज्ञ रायसेन