सत्ती में शिक्षकों और विद्यार्थियों की अनूठी पहल, सोमवती अमावस्या पर घर-घर पहुंचाए नीम-कनेर के पौधे
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत अंबाडी की एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला सत्ती की ‘मां की बगिया’ में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनूठा नवाचार देखने को मिला। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार बेदी ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के सहयोग से जून माह में मसाले एवं दूध की खाली पॉलिथीन में जामुन, नीम और कनेर के बीज लगाकर पौध तैयार करने का कार्य शुरू किया। खास बात यह रही कि इन पौधों को तैयार करने में आरओ से निकलने वाले वेस्टेज पानी का उपयोग किया गया।
विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने इन बीजों की नियमित देखरेख की और धीरे-धीरे उनसे नर्सरी के रूप में पौधे विकसित होने लगे। इस पहल का उद्देश्य केवल पौधे तैयार करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराना भी रहा।
विद्यार्थियों को पहले ही बांटे करीब 100 पौधे
विद्यालय द्वारा तैयार किए गए पौधों में से लगभग 100 नीम और कनेर के पौधे विद्यार्थियों को उनके घरों में लगाने के लिए पहले ही वितरित किए जा चुके हैं। बच्चों को पौधों की जिम्मेदारी सौंपकर उन्हें नियमित पानी देने, देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया गया।

सोमवती अमावस्या पर घर-घर पहुंचा हरियाली का संदेश
वहीं बचे हुए लगभग 100 पौधों का वितरण सोमवती अमावस्या के अवसर पर ग्राम सत्ती और बेसिया में घर-घर जाकर किया गया। शिक्षकों ने गांव के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी पौधे पहुंचाए। इस दौरान ग्रामीणों और बच्चों को पौधों को सुरक्षित रखने तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
पौधा वितरण अभियान में शिक्षक विजय सिंह राजपूत, मनोज बेदी, खेमचंद मालवीय, सौदान सिंह राजपूत, राजेश कुमार जैन एवं अतिथि शिक्षक नेहा सहित अन्य शिक्षकों की भूमिका रही।
‘मां की बगिया’ से निकली पर्यावरण संरक्षण की सीख
विद्यालय की इस पहल से बच्चों को किताबों के साथ-साथ व्यवहारिक रूप से पर्यावरण संरक्षण सीखने का अवसर मिल रहा है। विद्यालय में तैयार किए गए पौधों को गांव तक पहुंचाकर शिक्षकों ने ‘एक पौधा लगाएं, उसकी जिम्मेदारी भी निभाएं’ का संदेश दिया। ग्रामीणों ने भी विद्यालय के इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक पहल बताया।