सेमरा स्कूल में कमर तक पानी, नाले और पुलिया की समस्या से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित; चार महीने बारिश के दौरान बनी रहती है गंभीर स्थिति
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सेमरा स्थित पीएम श्री हाई स्कूल में रविवार-सोमवार को हुई भारी बारिश के बाद स्कूल परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया। स्कूल भवन और परिसर में करीब 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, जिससे सुबह स्कूल पहुंचे शिक्षकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात यह रहे कि स्कूल परिसर में कई स्थानों पर कमर तक पानी दिखाई दिया। जलभराव के कारण विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंच सके और पढ़ाई प्रभावित हुई।

गौर करने वाली बात यह है कि इस स्कूल भवन का निर्माण करीब चार वर्ष पहले लगभग एक करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से कराया गया था। करीब 29.600 मीटर लंबाई और 17.600 मीटर चौड़ाई में निर्मित यह दो मंजिला भवन आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। भवन को भूकंपरोधी तकनीक से बनाया गया है तथा भविष्य में स्कूल को हाई सेकेंडरी स्तर तक उन्नत किए जाने पर दो और मंजिलें बढ़ाने की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इसका नक्शा तैयार किया गया है।
स्कूल भवन में चार अध्ययन कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, प्राचार्य कक्ष, प्रवेश दीर्घा सहित अन्य कक्ष बनाए गए हैं। लेकिन बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या के चलते करोड़ों की लागत से तैयार यह भवन विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है।

पहाड़ों का पानी पहुंचाता है नाला, पुलिया बनती है सबसे बड़ी बाधा
ग्रामीणों के अनुसार स्कूल के आसपास से एक नाला गुजरता है, जिसमें दीवानगंज क्षेत्र के पहाड़ों के साथ-साथ अंबाड़ी, कुल्हड़िया और फैक्ट्री चौराहा क्षेत्र के आसपास के पहाड़ी इलाकों का बारिश का पानी भी पहुंचता है। तेज बारिश होते ही नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है।
नाले पर बनी पुलिया के ऊपर पानी बहने लगता है, जिसके कारण सेमरा गांव का भोपाल-विदिशा हाईवे से संपर्क तक प्रभावित हो जाता है। यही पुलिया स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के रास्ते में भी पड़ती है। बारिश के दौरान पानी पुलिया के ऊपर से बहने के कारण बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते।
चार महीने तक मच्छरों का प्रकोप, बीमारियों का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के पूरे चार महीने स्कूल की स्थिति खराब रहती है। स्कूल के पीछे से निकलने वाले नाले और आसपास जमा पानी के कारण जलभराव बना रहता है। पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है, जिससे विद्यार्थियों में विभिन्न बीमारियों का खतरा बना रहता है।
बारिश के मौसम में स्कूल परिसर में जलभराव की समस्या कोई नई बात नहीं है। हर साल बारिश के दौरान विद्यार्थी, शिक्षक और ग्रामीण इसी समस्या से जूझते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब एक करोड़ दस लाख रुपए की लागत से स्कूल का इतना बड़ा भवन बनाया गया है तो जलनिकासी की समुचित व्यवस्था भी की जानी चाहिए थी।

ग्रामीणों की मांग—नाले और पुलिया का हो स्थायी समाधान
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल के आसपास जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए। नाले की सफाई और गहरीकरण के साथ पुलिया को ऊंचा किए जाने की जरूरत है, ताकि बारिश के दौरान पानी उसके ऊपर से न बहे। साथ ही स्कूल परिसर में पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बारिश के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई लगातार प्रभावित होती रहेगी और स्कूल भवन को भी जलभराव से नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहेगी।
सरपंच का कहना हे
कुछ महीने पहले ही हाईवे 18 से लेकर बनखेड़ी तक रोड का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है रोड की ऊंचाई 2 फीट बढ़ा दी गई है जिस कारण नाले का पानी नहीं निकल पाया और स्कूल में भर गया। इस नाले से चार-पांच गांव का पानी आता है।
भानु उर्फ परसोत्तम लोधी सरपंच ग्राम सेमरा