दो दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश में बने बाढ़ जैसे हालात, रास्ता बंद होने से ग्रामीणों को हुई परेशानी
पंचायत ने तत्काल रास्ता कराया चालू
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
क्षेत्र में दो दिन पहले करीब 10 घंटे तक हुई जोरदार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। कई ग्रामीणों के घरों में पानी भर गया, वहीं कई गांवों के रास्ते भी जलभराव और तेज बहाव के कारण बंद हो गए। इसी दौरान ग्राम पंचायत अंबाडी के डोला घाट की पुलिया के एक तरफ की मिट्टी तेज पानी के बहाव में बह गई, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। स्थिति यह थी कि न तो चार पहिया वाहन निकल पा रहे थे और न ही दो पहिया वाहन।
रास्ता बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत अंबाडी की सरपंच कुंती रमेश कुमार अहिरवार ने तत्काल पहल करते हुए पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से में कोपरा और मुरम डलवाकर रास्ते को दूसरे ही दिन चालू करवाया। इससे ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिली।
2006 में भी बह गई थी पुलिया
ग्रामीणों के अनुसार डोला घाट की पुलिया का मुद्दा काफी पुराना है। वर्ष 2006 में भी तेज बारिश के दौरान यह पुलिया बह गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने करीब दो दशक से अधिक समय तक पुलिया के स्थायी निर्माण की मांग जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से की। लंबे समय तक चली मांग और ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बाद वर्ष 2024 में अंबाडी की पुलिया के निर्माण की सौगात मिली।
इसके बाद जनवरी 2025 में पुलिया का निर्माण पूरा होकर तैयार हुआ, जिससे ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब बारिश के दौरान आवागमन की समस्या दूर हो जाएगी। लेकिन हाल ही में हुई तेज बारिश ने एक बार फिर पुलिया की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। पानी के तेज बहाव से पुलिया की एक तरफ की मिट्टी कट गई और रास्ता बंद हो गया।

पंचायत की तत्परता से फिर शुरू हुआ आवागमन
क्षेत्र में हुई भारी बारिश के दौरान बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद पुलिया की मिट्टी कटने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई थी। पंचायत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कोपरा-मुरम डलवाकर क्षतिग्रस्त हिस्से को भरवाया, जिसके बाद रास्ते पर आवागमन फिर से शुरू हो गया।
सरपंच कुंती रमेश कुमार अहिरवार ने कहा कि बारिश के कारण पुलिया की एक तरफ की मिट्टी कट गई थी, जिससे रास्ता बंद हो गया था। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए पंचायत द्वारा तत्काल कोपरा और मुरम डलवाकर रास्ता चालू कराया गया है।