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दो किलोमीटर सड़क के लिए वर्षों से तरस रहा खेड़ा गांव, बारिश में बह गई पुलिया की मिट्टी

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स्कूल जाना भी हुआ मुश्किल, पिछले वर्ष चंदा कर मिट्टी डाली थी पुलिया में

मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन

सांची विकासखंड की ग्राम पंचायत नरखेड़ा के अंतर्गत आने वाला खेड़ा गांव आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहा है। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को वर्षों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार ग्राम पंचायत और सांची ब्लॉक के अधिकारियों को आवेदन दिए गए, वहीं सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।

बारिश ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी 

गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले मार्ग पर बनी पुलिया के दोनों ओर डाली गई मिट्टी कल हुई तेज बारिश में बह गई। अब पुलिया से होकर पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। पिछले वर्ष ग्रामीणों और पंचायत के सरपंच रामदयाल लोधी द्वारा चंदा और निजी प्रयासों से पुलिया के दोनों ओर मिट्टी डलवाकर रास्ता चालू कराया गया था, ताकि किसानों और ग्रामीणों को वाहनों के आने-जाने सहित पैदल यात्रियों को परेशानी ना हो। लेकिन इस वर्ष बारिश में मिट्टी बह जाने से मार्ग फिर बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है।

बारिश में चार महीने का राशन पहले ही जुटा लेते हैं ग्रामीण

ग्रामीण हल्के राम लोधी और लक्ष्मी नारायण लोधी ने बताया कि बारिश के मौसम में खेड़ा गांव का मुख्य सड़क मार्ग से संपर्क लगभग टूट जाता है। स्थिति यह है कि ग्रामीण बारिश शुरू होने से पहले ही करीब तीन से चार महीने का राशन घर में जमा कर लेते हैं, क्योंकि बारिश के बाद गांव से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। गांव के चारों ओर कीचड़ ही कीचड़ हो जाती है

ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो किलोमीटर सड़क नहीं बनने के कारण मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहन भी गांव तक नहीं पहुंच पाते। किसी महिला की डिलीवरी हो या कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना चुनौती बन जाता है। कई बार मरीजों और महिलाओं को बैलगाड़ी से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।

चार साल पहले बनी पुलिया कुछ महीनों में बह गई

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत द्वारा करीब चार साल पहले नदी पर पुलिया का निर्माण कराया गया था, लेकिन कुछ महीने बाद ही बारिश में पुलिया क्षतिग्रस्त होकर बह गई। इसके बाद पुलिया के आसपास मिट्टी डालकर किसी तरह आवागमन जारी रखा गया। अब बारिश में मिट्टी कट जाने से समस्या और गंभीर हो गई है।

नदी के दूसरी तरफ कई किसानों के खेत हैं। रास्ता खराब होने के कारण किसान अपने खेतों तक ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य कृषि वाहन नहीं ले जा पा रहे हैं। इससे खेती के काम में भी परेशानी खड़ी हो गई है।

स्कूल जाने वाले बच्चों की राह भी हुई बंद

खेड़ा गांव में केवल पांचवीं कक्षा तक स्कूल है। इसके बाद बच्चों को पढ़ाई के लिए दीवानगंज हायर सेकेंडरी स्कूल, बेरखेड़ी चौराहा और सलामतपुर सहित आसपास के स्कूलों में जाना पड़ता है। पुलिया के पास मिट्टी बह जाने से अब बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।

स्कूली बच्चों नितेश , आर्यन , हेमंत , उदय भान सिंह, राघवेंद्र, आदित्य, करन, रुपेश और शुभम ने बताया कि बारिश के समय पुलिया में पानी बढ़ जाने के कारण कई बार स्कूल नहीं जा पाते। कभी-कभी स्कूल से लौटते समय पानी का बहाव बढ़ जाता है और उन्हें घर लौटने में भी परेशानी होती है। बच्चों ने बताया कि पानी के बीच से निकलते समय कई बार गिरकर चोट भी लग चुकी है।

छात्राओं मीनाक्षी और पूनम ने बताया कि पुलिया में पानी अधिक होने पर स्कूल जाना डरावना हो जाता है। अब पुलिया के दोनों तरफ की मिट्टी बह जाने से रास्ता और भी खराब हो गया है।

तेज बहाव में हादसे की आशंका

ग्रामीणों को सबसे ज्यादा चिंता नदी में पानी का बहाव बढ़ने को लेकर है। वर्तमान में बच्चे और ग्रामीण नदी के अंदर उतरकर पानी के बीच से आवागमन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश के दौरान नदी का बहाव अचानक तेज हो गया तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खेड़ा गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए करीब दो किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया जाए और पुलिया की तत्काल मरम्मत कर आवागमन बहाल किया जाए। उनका कहना है कि जब प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री सड़क योजना के माध्यम से गांवों को सड़कों से जोड़ने का काम किया जा रहा है, ऐसे में खेड़ा गांव का वर्षों से सड़क सुविधा से वंचित रहना समझ से परे है।

कल क्षेत्र में इतनी तेज बारिश हुई कि खेड़ा गांव के मंदिर और कई घरों में पानी भर गया। जिससे कई ग्रामीणों के सामान खराब हो गए उन्हें भारी नुकसान हुआ।

हल्के लोधी स्थानीय निवासी खेड़ा

सरपंच बोले- प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे

ग्राम पंचायत नरखेड़ा के सरपंच रामदयाल लोधी ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने अपने खर्चे से पुलिया के दोनों तरफ मिट्टी डलवाकर मार्ग को चालू कराया था। इस बार बारिश में मिट्टी बह गई है। उन्होंने कहा कि पुलिया निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। राशि स्वीकृत होने के बाद पुलिया का निर्माण कराया जाएगा।

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