रायसेन।पत्नी की आग लगाकर हत्या करने वाले आरोपी पति को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है साथ हो चार हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
न्यायालय- श्रीमती वंदना जैन, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम रायसेन म0प्र0 द्वारा पारित निर्णय में आरोपी चरण सिंह पुत्र आशाराम राजपूत, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरिया करणसिंह, थाना बेरली, जिला रायसेन को भा.द.स. की धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा एंव 2000/- रूपये अर्थदण्ड तथा अनुसूचति जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्यााचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(5) के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 2000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
इस मामले में शासन की ओर से श्री धनीराम विश्वकर्मा, विशेष लोक अभियोजक, जिला रायसेन ने पैरवी की।
घटना के अनुसार ग्राम कोटरा निवासी सीताबाई गोंड का विवाह घटना के डेढ़ वर्ष पूर्व अभियुक्त चरणसिंह निवासी ग्राम पिपरिया करनसिंह के साथ हुआ था। दिनांक 25.03.2017 को श्रीमती सीताबाई आग से जली हुई अवस्था में उपचार हेतु सीएचसी बरेली लायी गयी और वहां से भोपाल रेफर कर दी गयी। भोपाल में श्रीमती सीताबाई का मरणासन्न कथन कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार के द्वारा लेख किया गया जिसमें श्रीमती सीताबाई द्वारा बताया गया कि उसका पति चरण सिंह दारू पीकर लड़ाई झगड़ा करता है तथा घर से मिट्टी की कुप्पी उठाकर उसके ऊपर डालकर आग लगा दी। उपचार के दौरान दिनांक 04.04.2017 को सीताबाई की मृत्यु हो गयी। हमीदिया अस्पताल भोपाल में देहाती मर्ग पंजीबद्ध कर तहसीलदार पंचनामा कार्यवाही कर मृतिका का शव परीक्षण कराया गया। आरक्षी केन्द्र बरेली पर मर्ग डायरी प्राप्त होने पर अपराध क्र. 199/2017 धारा 307 भा.द.वि. पंजीबद्ध किया गया। संपूर्ण विवेचना उपंरात अभियोग पत्र मान. न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
न्यूज सोर्स-श्रीमती शारदा शाक्य मीडिया प्रभारी जिला रायसेन