मंदिरों में गूंजे भजन, हुआ अभिषेक व सुंदरकांड पाठ; देर रात तक चला धार्मिक आयोजनों का दौर
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के ग्राम अंबाडी और दीवानगंज के समीप स्थित ग्राम देहरी में शनिवार को राधाष्टमी के पावन अवसर पर राधारानी जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। दोनों गांवों के मंदिरों में दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। शाम होते ही मंदिर परिसर भक्तों से भर गए और देर रात तक भजन-कीर्तन एवं पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा।
ग्राम अंबाडी स्थित राम जानकी अयोध्या धाम मंदिर में राधा रानी सरकार लाड़ली जू का जन्मोत्सव रात 8 बजे धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आरती और पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद राधारानी के जन्मोत्सव पर केक काटा गया और श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण किया गया। जन्मोत्सव के दौरान देर रात तक आतिशबाजी का नजारा भी देखने को मिला।
कार्यक्रम का आयोजन रितु-गजेंद्र, कंचन-सुनील, प्रियांशी-अनुज, शिवानी, अंबिका, माही, कृष्णा, नमन, कनक एवं चौकसे परिवार की ओर से किया गया। इसमें अंबाडी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

देहरी में अभिषेक के बाद भजन संध्या और सुंदरकांड पाठ
वहीं ग्राम देहरी स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर में भी राधारानी जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शाम 5 बजे राधारानी का अभिषेक किया गया। इसके बाद शाम 7 बजे से देर रात्रि 12 बजे तक भजन संध्या एवं सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। श्री नवयुवक रामायण मंडल सेमरा के सदस्यों ने संगीतमय प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर किया।
कार्यक्रम का आयोजन समस्त देहरी ग्रामवासियों एवं राधारानी के भक्तों के सहयोग से किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आसपास क्षेत्र के श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर धर्मलाभ लिया।
देर रात तक मंदिरों में गूंजते रहे भजन
राधाष्टमी के अवसर पर अंबाडी, देहरी सहित आसपास के क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना और भजन संध्या का आयोजन किया गया। राधारानी के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। देर रात तक मंदिरों में भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही।
दीवानगंज, अंबाडी ,सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, सरार, कयामपुर, संग्रामपुर, करैया, गीदगढ़,बरजोरपुर, बालमपुर, सहित आसपास गांवों में भी राधा जी के जन्म की धूम रही।
पंचांग के अनुसार राधाष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु राधारानी की विशेष पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।