98.72 करोड़ की हलाली समूह जलप्रदाय योजना अंतिम चरण में
डेढ़ लाख लोगों को मिलेगा लाभ; 30 हजार घरों तक पहुंचेंगे नल कनेक्शन
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
जिले के सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाला हलाली डैम 10 सितंबर तक 84 प्रतिशत भर चुका है। बांध में पर्याप्त जलभराव होने से जहां करीब 14 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है, वहीं रायसेन और विदिशा जिले के हजारों रहवासियों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। अब आने वाले कुछ महीनों में हलाली बांध का शुद्ध पानी सांची विकासखंड के 25 और भोपाल जिले के 36 गांवों तक पहुंचने की उम्मीद है।
करीब 98.72 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जा रही हलाली समूह जलप्रदाय योजना अंतिम चरण में पहुंच गई है। वर्ष 2023 से लगातार 61 गांवों तक पानी पहुंचाने का कार्य चल रहा है। वर्तमान में दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, छोला सहित कई गांवों की पाइपलाइनों को भोपाल-विदिशा हाईवे-18 के किनारे बिछाई गई मुख्य जलप्रदाय लाइन से जोड़ा जा रहा है। पाइपलाइन कनेक्शन के बाद कई गांवों में जलापूर्ति का परीक्षण भी शुरू हो चुका है।
डेढ़ लाख आबादी को मिलेगा लाभ
योजना पूरी होने के बाद सांची जनपद के 25 और भोपाल जिले के 36 गांवों की करीब डेढ़ लाख आबादी को इसका लाभ मिलेगा। योजना के तहत लगभग 30 हजार घरों में नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीणों को हैंडपंप और कुओं पर निर्भरता से राहत मिलने की उम्मीद है।
हाईवे किनारे लगाए गए विशेष वाल्व
प्रत्येक गांव की पाइपलाइन को मुख्य जलप्रदाय लाइन से जोड़ने के लिए हाईवे किनारे विशेष वाल्व लगाए गए हैं। जिन गांवों में अभी कार्य शेष है, वहां तेजी से पाइपलाइन कनेक्शन का काम चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ महीनों में ग्रामीणों के घरों तक हलाली बांध का शुद्ध पेयजल पहुंचना शुरू हो सकता है।
दहेड़ा में बना 7.75 एमएलडी क्षमता का जलशोधन संयंत्र
योजना के अंतर्गत ग्राम दहेड़ा में 7.75 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र तैयार किया गया है। यहां हलाली बांध से आने वाले पानी को शुद्ध कर विभिन्न गांवों तक पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।
18 पानी की टंकियां तैयार, अतिरिक्त गांव भी योजना में शामिल
गांवों तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 18 पानी की टंकियों का निर्माण पूरा हो चुका है। नरखेड़ा, कचनारिया, मुरलीखेड़ी और घाटखेड़ी में भी पानी की टंकियां तैयार की गई हैं। पहले इन गांवों को योजना में शामिल करने का प्रावधान नहीं था, लेकिन बढ़ती आबादी और पानी की जरूरत को देखते हुए इन्हें भी योजना से जोड़ा गया है।

हलाली डैम के वेस्टवेयर पर 26 करोड़ से बने गेट
हलाली बांध के वेस्टवेयर पर करीब 26 करोड़ रुपए की लागत से गेट निर्माण का कार्य भी पूरा हो चुका है। इससे आवश्यकता के अनुसार पानी का भंडारण और अधिक जल होने पर नियंत्रित निकासी संभव होगी। गेट निर्माण से बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण के साथ किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
जल विकास निगम कर रहा अंतिम परीक्षण
जल विकास निगम भोपाल और रायसेन की संयुक्त टीम योजना को अंतिम रूप देने में जुटी है। गांव-गांव में बिछाई गई पाइपलाइनों को मुख्य लाइन से जोड़कर परीक्षण किया जा रहा है। 2023 से लगातार गांव गांव तक पानी पहुंचाने का कार्य तेज गति से चल रहा है। दीवानगंज, छोला और आसपास के कई गांवों में सफल परीक्षण होने की जानकारी सामने आई है।
गर्मियों में जल संकट से मिलेगी राहत
गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर नीचे चले जाने से पानी की समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में हलाली बांध आधारित समूह जलप्रदाय योजना ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। योजना पूरी होने के बाद लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध होगा और गर्मियों में हैंडपंप तथा कुओं पर निर्भरता कम होगी।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
गिरजेश नायक, सरपंच दीवानगंज: हलाली डैम से करीब 20 गांवों में पानी पहुंचने लगा है। शेष गांवों में भी तेजी से कार्य चल रहा है। यह सुविधा क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। गर्मियों में जलस्तर नीचे जाने से पानी की समस्या होती है, लेकिन पाइपलाइन शुरू होने के बाद ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
भानु उर्फ परसत्तम लोधी, सरपंच सेमरा: अंबाडी और सेमरा की पाइपलाइन को मुख्य लाइन से जोड़ दिया गया है। कुछ ही दिनों में गांवों में पानी मिलने की उम्मीद है। गर्मियों में ग्रामीणों को पानी के लिए काफी परेशानी होती है।
कुंती रमेश कुमार अहिरवार, सरपंच अंबाडी: क्षेत्र में गर्मी के मौसम में पानी की भारी समस्या रहती है। हलाली डैम से पानी पहुंचने की उम्मीद जगी है। सुविधा शुरू होने के बाद ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी।