बीच गांव में वर्षों से खड़ा खंडहरनुमा भवन, आसपास लगा कचरे का अंबार; नए भवन की मांग
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के ग्राम दीवानगंज में भवानी चौक स्थित राम जानकी मंदिर के पास वर्षों से जर्जर अवस्था में खड़ा यूनानी औषधालय भवन अब हादसे को न्योता दे रहा है। गुरुवार-शुक्रवार की देर रात हुई बारिश के दौरान भवन की छत पर लगे अंग्रेजी कबेलू टूटकर अंदर गिर गए। गनीमत रही कि हादसे के समय भवन के अंदर कोई मौजूद नहीं था।
ग्रामीणों की जान को खतरा
पुराना यूनानी औषधालय भवन लंबे समय से क्षतिग्रस्त हालत में पड़ा हुआ है। इसके आसपास बड़ी संख्या में ग्रामीणों के मकान हैं। भवन की दीवारें और छत कमजोर हो चुकी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय बच्चे या कोई ग्रामीण अनजाने में जर्जर भवन के पास पहुंच जाते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
ग्रामीण मिलन अधिकारी, मनमोहन साहू, संदीप नायक, रवि कुशवाह, राजन मालवीय सहित अन्य लोगों ने बताया कि कई वर्षों से भवन इसी हालत में गांव के बीच खड़ा है। आसपास के लोग यहां कचरा फेंकते हैं, जिसके कारण भवन परिसर में गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ है।
चोरी या बारिश से गिरे कबेलू, जांच की जरूरत
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि जर्जर भवन में रात के समय कोई व्यक्ति चोरी की नीयत से घुसा हो सकता है, जिससे कबेलू टूटकर गिरे हों। हालांकि, यह भी संभव है कि लगातार जर्जर हो चुकी छत और बारिश के कारण कबेलू अपने आप गिर गए हों। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में भी बदहाल यूनानी औषधालय
कई वर्ष पूर्व पुराने भवन की जर्जर हालत को देखते हुए यूनानी औषधालय को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दीवानगंज परिसर में संचालित किया जा रहा है। लेकिन यहां भी मरीजों और कर्मचारियों को राहत नहीं मिल रही है। वर्तमान यूनानी औषधालय भवन भी क्षतिग्रस्त स्थिति में है।
बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है। दवाइयों को बचाने के लिए कर्मचारियों को पन्नी बांधनी पड़ती है। भवन की छत और दीवारों पर कई जगह दरारें पड़ चुकी हैं। पानी के रिसाव के कारण दीवारें और छत काली पड़ गई हैं, जिससे भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
नया भवन बनने से कई गांवों को मिलेगी सुविधा
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुराने यूनानी औषधालय भवन की जगह नया भवन तैयार कर दिया जाए तो दीवानगंज सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं। वर्तमान में औषधालय का भवन भी सुरक्षित नहीं है और पुराना भवन गांव के बीच हादसे का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जर्जर भवन का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, परिसर से कचरा हटाया जाए और नए यूनानी औषधालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से जर्जर भवन की समस्या के बावजूद प्रशासनिक विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। अब बारिश में छत के कबेलू गिरने की घटना के बाद लोगों में किसी बड़े हादसे को लेकर चिंता बढ़ गई है।