छत से प्लास्टर गिरने की शिकायत, पानी और शौचालय की बदहाल व्यवस्था का भी ग्रामीणों ने लगाया आरोप
सिलवानी, रायसेन। रायसेन जिले के सिलवानी तहसील के ग्राम गुंदरई स्थित स्कूल भवन की बदहाल स्थिति ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल भवन की दीवारों और पिलर में लंबी दरारें दिखाई देने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन की छत से प्लास्टर गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे यहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल भवन की स्थिति लंबे समय से खराब है। भवन की दीवारों और पिलर में दिखाई दे रही दरारों को लेकर उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जर्जर भवन में पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

पानी और शौचालय की व्यवस्था पर भी सवाल
ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों के लिए पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं स्कूल के शौचालय की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार शौचालय के आसपास गंदगी और खर-पतवार फैला हुआ है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने स्कूल में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।

अधिकारियों को ज्ञापन देने के बाद भी समाधान नहीं
ग्रामीणों का दावा है कि स्कूल भवन और व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर वे स्थानीय प्रशासन से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों ने मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से भी संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में संबंधित विभाग को तत्काल स्कूल भवन का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
बीआरसी प्रभारी ने जिम्मेदारी से किया किनारा
मामले को लेकर बीआरसी प्रभारी लक्ष्मी मालवीय से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि स्कूल में पानी की व्यवस्था उनके विभाग के अंतर्गत नहीं आती है। वहीं भवन की मरम्मत उनके स्तर से नहीं होने की बात भी कही।
दूसरी ओर, सिलवानी एसडीएम अल्का सिंह से इस मामले में पक्ष जानने के लिए तीन बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर प्रसारित होने तक उनका जवाब नहीं मिल सका।

अब कार्रवाई का इंतजार
स्कूल भवन में दरारें, छत से प्लास्टर गिरने की शिकायत, पेयजल और शौचालय की बदहाल स्थिति जैसे मुद्दे सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे अहम सवाल बच्चों की सुरक्षा का है। ऐसे में जरूरत है कि संबंधित विभाग स्कूल भवन का तकनीकी निरीक्षण कर उसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे और यदि भवन असुरक्षित पाया जाता है तो बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और गुंदरई स्कूल के बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण कब मिल पाता है।
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