बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित करने और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायतें, जांच के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई
रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
औद्योगिक नगरी मंडीदीप में कॉलोनियों के विकास और रहवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। कृष्णा डेवलपर्स की कॉलोनियों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को लेकर मिल रही शिकायतों के बीच तहसीलदार हेमंत शर्मा ने निरीक्षण किया। इस दौरान वार्ड क्रमांक 23 स्थित कृष्णा रेसिडेंसी कॉलोनी और कृष्णा कॉम्प्लेक्स सहित डेवलपर की अन्य संपत्तियों का जायजा लिया गया।
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि मंडीदीप में कई कॉलोनियां नगर पालिका की आवश्यक अनुमति और निर्धारित विकास कार्यों के बिना विकसित की गई हैं। इन कॉलोनियों में सड़क, नाली, सीवेज व्यवस्था, पार्क और मंदिर जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण रहवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

दाहोद रोड पर चार कॉलोनियां विकसित करने का आरोप
स्थानीय रहवासियों के अनुसार, दशरथ साहू से जुड़े कृष्णा डेवलपर्स द्वारा दाहोद रोड पर चार कॉलोनियां विकसित किए जाने और वार्ड क्रमांक 23 में कृष्णा रेसिडेंसी तथा कृष्णा कॉम्प्लेक्स के निर्माण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ कॉलोनियों में आवश्यक विकास कार्य पूरे नहीं किए गए, जिससे वहां रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
हालांकि, कॉलोनियों की अनुमति, स्वीकृत नक्शों और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि संबंधित विभागों के अभिलेखों एवं जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

तहसीलदार ने किया निरीक्षण, जांच के बाद होगी कार्रवाई
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार हेमंत शर्मा ने कृष्णा डेवलपर्स की कॉलोनियों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब संबंधित निर्माणों की वैधानिक स्थिति और आवश्यक अनुमतियों की जांच किए जाने की उम्मीद है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि कॉलोनियों में सुविधाओं की कमी और विकास कार्यों की स्थिति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि लोगों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
रहवासियों ने उठाए गंभीर सवाल
मंडीदीप निवासी पिंटू सिंह ने कॉलोनियों के विकास और डेवलपर की संपत्तियों को लेकर सवाल उठाए हैं। रहवासियों की मांग है कि संबंधित कॉलोनियों के स्वीकृत नक्शों, विकास कार्यों और आवश्यक अनुमतियों की जांच की जाए।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित कॉलोनियों में सड़क, नाली और सीवेज जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं या नहीं? क्या सभी निर्माण नियमानुसार किए गए हैं? इन सवालों का जवाब संबंधित विभागों की जांच और अभिलेखों से ही स्पष्ट होगा।
प्रशासनिक निरीक्षण के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
इनका कहना है
तहसीलदार हेमंत शर्मा ने बताया कि कृष्णा डेवलपर्स की कॉलोनियों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया गया है। संबंधित शिकायतों की जांच की जाएगी। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।