बारिश में सड़क तक झुकी झाड़ियां और डालियां बनीं मुसीबत, मोड़ों पर सामने से आने वाले वाहन नहीं दिखते; गड्ढों के साथ बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गड्ढों, आवारा मवेशियों और तेज रफ्तार वाहनों के बाद अब सड़क किनारे उगी घनी झाड़ियां और पेड़ों की सड़क की ओर झुकी डालियां भी वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन गई हैं। बारिश के मौसम में हरियाली बढ़ने के साथ हाईवे के कई हिस्सों में झाड़ियां और पेड़ों की डालियां डामर सड़क की सीमा तक पहुंच गई हैं। इससे खासकर मोड़ों पर सड़क के दोनों ओर की दृश्यता बेहद कम हो गई है।
मोड़ों पर सामने से वाहन दिखना मुश्किल
हाईवे के कई खतरनाक मोड़ों पर झाड़ियां और पेड़ों की डालियां इस तरह फैल गई हैं कि सामने से आने वाला वाहन काफी नजदीक आने के बाद दिखाई देता है। ऐसे में यदि वाहन चालक सामान्य गति से भी गुजर रहा हो और अचानक सामने से वाहन आ जाए तो उसे संभलने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। रात के समय यह खतरा और भी गंभीर हो जाता है। भारी वाहनों की ऊंचाई के कारण कई जगह ट्रकों की पेड़ों की डालियों से टक्कर भी होती रहती है।

50 किलोमीटर के दायरे में पहले से हादसों का खतरा
बालमपुर घाटी से लेकर त्रिमूर्ति चौराहे तक हाईवे का करीब 50 किलोमीटर का क्षेत्र लंबे समय से दुर्घटनाओं को लेकर चिंता का विषय बना हुआ है। बालमपुर घाटी सहित कई स्थानों पर पहले भी लगातार हादसे सामने आते रहे हैं। अब सड़क पर बने गहरे गड्ढे और उनसे बचने के दौरान वाहन चालकों का अचानक दिशा बदलना भी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रहा है।
पीएम श्री स्कूल के सामने ट्रक पलटने से टला बड़ा हादसा
करीब पांच दिन पहले दीवानगंज के पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सामने मोड़ पर शराब से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था। गनीमत रही कि ट्रक कुछ दूरी पहले ही रुक गया। यदि ट्रक आगे बढ़ता तो सड़क किनारे लगे बिजली के पोल और स्कूल की बाउंड्रीवॉल से टकराने की स्थिति बन सकती थी और हादसा और भी गंभीर हो सकता था।
यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से हो चुकी है मौत
कुछ दिन पहले ढकना-चकना क्षेत्र में यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ था। हादसे के बाद भी संबंधित स्थान पर पेड़ उसी स्थिति में खड़े होने की बात सामने आ रही है। इससे लोगों में नाराजगी है कि हादसे के बाद भी खतरनाक पेड़ों और डालियों को हटाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

इन स्थानों पर सबसे ज्यादा खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार बालमपुर चौराहा, भदभदा चौराहा, बेरखेड़ी चौराहा, लंबाखेड़ा और त्रिमूर्ति चौराहा सहित कई स्थानों पर एल-शेप के खतरनाक मोड़ हैं। इन जगहों पर सड़क किनारे फैली झाड़ियां और पेड़ों की डालियां दृश्यता को और कम कर रही हैं। वहीं हाईवे पर गहरे गड्ढे होने के कारण वाहन चालक उनसे बचने के लिए अचानक वाहन मोड़ते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
समय रहते छंटाई नहीं हुई तो हो सकता है बड़ा हादसा
बारिश के मौसम में झाड़ियां और पेड़ तेजी से बढ़ते हैं। यदि समय रहते सड़क की सीमा तक फैली झाड़ियों और डालियों की कटाई-छंटाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संबंधित विभाग को पहले ही खतरनाक स्थानों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
दीवानगंज सरपंच गिरजेश नायक ने कहा कि हाईवे पर झाड़ियां और पेड़ों की डालियां डामर सड़क तक आ गई हैं। दोनों तरफ की साइट कई जगह दिखाई नहीं देती। मोड़ पर अचानक वाहन सामने आने से हादसे की आशंका बनी रहती है। एमपीआरडीसी को समय रहते झाड़ियों और पेड़ों की टहनियों की छंटाई करानी चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
समाजसेवक मुकेश साहू ने कहा कि बालमपुर चौराहा, भदभदा चौराहा, बेरखेड़ी चौराहा, लंबाखेड़ा और त्रिमूर्ति चौराहा जैसे स्थानों पर एल-शेप के मोड़ बेहद खतरनाक हैं। इन जगहों पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वर्तमान में हाईवे पर गहरे गड्ढे भी हैं और उन्हें बचाने के चक्कर में वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। सड़क किनारे पेड़ों और झाड़ियों की तत्काल छंटाई के साथ गड्ढों की मरम्मत भी जरूरी है।
ग्रामीणों और वाहन चालकों ने एमपीआरडीसी से हाईवे के दोनों ओर फैली झाड़ियों और पेड़ों की डालियों की तत्काल कटाई-छंटाई कराने, दुर्घटना संभावित मोड़ों का सर्वे करने और सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते व्यवस्था सुधारी जाए।