किसानों को तय शेड्यूल पर मिलेगी बिजली? कलेक्टर रोहित सिसोनिया ने दिए सख्त निर्देश, एसडीएम रोज करेंगे निगरानी
15 से 20 दिनों तक हर दिन होगी बिजली व्यवस्था की समीक्षा, तकनीकी खराबी और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर
रायसेन। जिले में किसानों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने और आम उपभोक्ताओं की समस्याओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर रोहित सिसोनिया ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में लापरवाही या तकनीकी खराबी के कारण किसानों को कृषि कार्यों में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विभागीय अमले को जिम्मेदारी और तत्परता के साथ काम करना होगा।
बिजली कटौती या समय में बदलाव की सूचना पहले दें
विद्युत विभाग की बैठक में कलेक्टर सिसोनिया ने जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली दी जाए, ताकि वे सिंचाई सहित अन्य कृषि कार्यों की योजना बना सकें। यदि अपरिहार्य कारणों से बिजली आपूर्ति के समय में बदलाव करना जरूरी हो, तो किसानों को इसकी जानकारी पर्याप्त समय पहले दी जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बिजली आपूर्ति के दौरान तकनीकी खराबी आने पर विभागीय अमला तत्काल मौके पर पहुंचे और समस्या का जल्द से जल्द निराकरण करे। इससे किसानों को अनावश्यक इंतजार और कृषि कार्यों में होने वाली परेशानी से राहत मिल सकेगी।
शिकायतों को गंभीरता से लें अधिकारी
कलेक्टर ने बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और उनका संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना पड़े। विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
15 से 20 दिन तक एसडीएम करेंगे रोजाना समीक्षा
बिजली व्यवस्था में सुधार और शिकायतों के निराकरण की निगरानी के लिए कलेक्टर ने सभी एसडीएम को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। निर्देशानुसार, आगामी 15 से 20 दिनों तक एसडीएम अपने-अपने विकासखंडों में प्रतिदिन विद्युत विभाग के कार्यों और बिजली आपूर्ति की समीक्षा करेंगे।
इस दौरान किसानों और आम उपभोक्ताओं से जुड़ी शिकायतों के निराकरण की भी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य जिले में बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
अब निगरानी के दायरे में बिजली व्यवस्था
कलेक्टर के निर्देशों के बाद आगामी दिनों में बिजली आपूर्ति, तकनीकी खराबियों पर कार्रवाई और शिकायतों के निराकरण को लेकर एसडीएम स्तर पर रोजाना समीक्षा होगी। अब इस व्यवस्था का वास्तविक असर इस बात से सामने आएगा कि किसानों को तय समय पर बिजली कितनी नियमित मिलती है और शिकायतों का निराकरण कितनी तेजी से होता है।