क्या मध्य प्रदेश पालिसी करेगी अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित
भोपाल । मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में सेवारत अतिथि विद्वानों ने एक बार फ़िर सरकार पर भरोसा जताया है साथ ही ये उम्मीद जताई है कि जल्द ही सरकार अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित करने मध्यप्रदेश पालिसी लागू कर अपना वादा पूरा करेगी।विदित हो कि कालेजों में रिक्त पदों पर पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से अतिथि विद्वान सेवा दे रहें है,लेकिन आज भी उनका भविष्य डाँवाडोल है।लगातार होती पीएससी और फालेन आउट होते विद्वानों ने इस विकट समय में भी एक बार फ़िर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं विभागीय मंत्री इन्दर सिंह परमार पर भरोसा जताया है।अतिथि विद्वान महासंघ के प्रदेश मिडिया प्रभारी डॉ आशीष पाण्डेय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि प्रवेश,परीक्षा,अध्यापन,प्रबंधन,मूल्यांकन,नैक,रूसा आदि समस्त कार्य अतिथि विद्वान वर्षों से करते हुए आ रहें है एवं यूजीसी योग्यता पूरी करते है इसलिए सरकार को स्थाई नीति बनाकर समायोजन करना चाहिए।
अतिथि विद्वान महासंघ ने सरकार पर जताया भरोसा
महाविद्यालयीन अतिथि विद्वान महासंघ ने सरकार पर भरोसा जताया है।जैसा कि विदित हो अभी हाल ही में सूबे के मुखिया डॉ मोहन यादव एवं विभागीय मंत्री इन्दर सिंह परमार ने अतिथि विद्वानों के सम्मेलन रविंद्र भवन के ऐतिहासिक सम्मेलन में घोषणा किया था कि हरियाणा सरकार से भी ज्यादा बेहतर पॉलसी मध्य प्रदेश सरकार ला रही है और अतिथि विद्वानो का भविष्य सुरक्षित करने जा रहीं है।इसी को लेकर महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ अविनाश मिश्रा ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी अतिथि विद्वान सरकार के कंधे से कन्धा मिलाकर कार्य कर रहें है एवं शासन प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रहें है।डॉ मिश्रा ने कहा कि अतिथि विद्वानों को पूर्ण भरोसा है कि सम्मेलन में ज़ो घोषणा हुईं थी वो जल्द लागू होंगी एवं सरकार तथा उसके मुखिया मुख्यमंत्री जी,मंत्री ज़ी विद्वानों के साथ न्याय करेंगे।
मंत्री परमार एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की हो चुकी है घोषणा
सूबे के मुखिया डॉ मोहन यादव ने रविंद्र भवन में हुए ऐतिहासिक अतिथि विद्वान सम्मेलन में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के प्रस्ताव पर मोहर लगाते हुए कहा था कि मंत्री ज़ी आप हरियाणा से बेहतर पॉलिसी लेकर जल्द आएं जिससे हमारे उच्च शिक्षा कि रीढ़ एवं शान अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित हो सके,तब मंत्री परमार ने भरे मंच से मुख्यमंत्री से वादा किए कि बहुत ही जल्द हम पॉलिसी का क्रियान्वयन करने जा रहें है। जैसा कि विदित हो कमेटी बने 9 माह हो गए एवं रिपोर्ट आ गईं अब उसका क्रियान्वयन बस बाक़ी है।अब देखना होगा कि अतिथि विद्वानों को औऱ कितना इंतज़ार करना पड़ सकता है।
इनका कहना हे
मुख्यमंत्री ज़ी,मंत्री ज़ी एवं शीर्ष अधिकारीयों पर यक़ीन है कि जल्द ही अतिथि विद्वानों के हित में बनी हुईं पॉलिसी लागू होंगी एवं माननीय जन अपना आशीर्वाद विद्वानों को देंगे।अगर पीएससी 2024 कि नियुक्ति से पहले पॉलसी लागू होती है तो सरकार का विद्वान हित में बड़ा निर्णय होगा और विद्वानों का भविष्य अंधकारमय होने से बच जाएगा।
डॉ देवराज सिंह,प्रान्ताध्यक्ष अतिथि विद्वान महासंघ