रोज 25 से 30 किलोमीटर पैदल चलने का संकल्प, 10 दिन में विदिशा पहुंचकर पिपलेश्वर महादेव पर करेंगे जलाभिषेक
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सावन माह में भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और आस्था का अनूठा नजारा भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर देखने को मिल रहा है। गुरुवार सुबह दीवानगंज चौकी के सामने तीन श्रद्धालु कांवड़ लेकर पैदल यात्रा करते नजर आए। कंधों पर कांवड़ और जुबां पर भोलेनाथ का नाम लिए श्रद्धालु कठिन पदयात्रा पूरी करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार तीनों श्रद्धालु पहले ट्रेन से उज्जैन पहुंचे। वहां हरियाली अमावस्या के दिन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। इसके बाद एक श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र जल लेकर तीनों श्रद्धालु उज्जैन से विदिशा के लिए पैदल रवाना हुए। श्रद्धालु प्रतिदिन करीब 25 से 30 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।
श्रद्धालु सुमित रघुवंशी और आलोक राजपूत ने बताया कि उनका संकल्प उज्जैन महाकालेश्वर से पैदल चलते हुए करीब 10 दिनों में विदिशा पहुंचने का है। विदिशा में रीटा फाटक स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर कांवड़ के पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
हाईवे-18 पर बढ़ी कांवड़ियों की आवाजाही
सावन माह के दौरान पिछले करीब एक महीने से भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर कांवड़ियों की आवाजाही लगातार दिखाई दे रही है। कोई भक्त उज्जैन महाकालेश्वर के लिए कांवड़ लेकर निकल रहा है तो कोई नर्मदा, कुबेश्वर धाम और अन्य धार्मिक स्थलों की ओर पैदल यात्रा कर रहा है।
कंधों पर कांवड़ लेकर तपती सड़क, बारिश और लंबी दूरी की परवाह किए बिना श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। रास्ते में ग्रामीण भी कांवड़ियों का स्वागत कर उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालक और राहगीर भी श्रद्धालुओं की भक्ति और दृढ़ संकल्प देखकर उनकी सराहना करते नजर आए।
सावन में चल रही यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, कठिन तपस्या और भगवान भोलेनाथ के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण बनती जा रही है। हाईवे-18 पर रोजाना दिखाई देने वाले कांवड़ियों के दृश्य अब क्षेत्र में आस्था के प्रमुख आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।