हमारा उद्देश्य सिर्फ कानून का पालन कराना ही नहीं, बल्कि हर ज़रूरतमंद को संवेदनशीलता के साथ न्याय और सुरक्षा देना है- थाना प्रभारी जादव
मनोज बैरागी सरदारपुर धार
108 एम्बुलेंस सेवा का समय पर न मिलना जहां एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया था, वहीं डायल-112 की पुलिस टीम देवदूत बनकर सामने आई। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशीलता की बदौलत प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को समय पर चिकित्सीय सहायता मिल सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार प्रातः लगभग 04:20 बजे डायल-112 कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि सरदारपुर-दत्तीगांव फोरलेन मार्ग पर एक गर्भवती महिला की स्थिति बेहद नाजुक है और उसे तेज प्रसव पीड़ा हो रही है। परिजनों ने प्राथमिक तौर पर 108 एम्बुलेंस सेवा को कॉल किया था, लेकिन काफी देर तक सहायता उपलब्ध नहीं हो पाई। स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने तुरंत डायल-112 से संपर्क साधा।
बिना देरी किए एफआरवी से पहुंचाया सिविल अस्पताल
सूचना मिलते ही डायल-112 की फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (FRV) तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस टीम ने बिना एक पल की देरी किए महिला को सुरक्षित अपने वाहन में बैठाया और सिविल अस्पताल सरदारपुर पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत महिला को भर्ती कर आवश्यक उपचार शुरू किया।
पुलिस की इस तत्परता और मानवीय पहलू की क्षेत्रवासियों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। डायल-112 एफआरवी स्टाफ द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता ने न सिर्फ मानवीय सेवा की मिसाल पेश की, बल्कि पुलिस की ‘जनहितैषी कार्यप्रणाली’ की छवि को भी बल दिया है।