खेरी मुगली के ग्रामीणों ने बटेरा के पास नेशनल हाईवे पर अंतिम संस्कार का किया प्रयास, पुलिस की समझाइश के बाद नर्मदा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
शांति धाम तक सड़क नहीं, ग्रामीणों ने हाईवे पर अर्थी रखकर जताया विरोध
बटेरा,बरेली रायसेन . जिले के बरेली क्षेत्र में शांति धाम तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। ग्राम खेरी मुगली के ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के लिए ले जाई जा रही अर्थी को ग्राम बटेरा के पास नेशनल हाईवे पर रख दिया और सड़क पर ही दाह संस्कार करने का प्रयास किया। इससे हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई।यह मामला जिले की उदयपुरा बरेली विधानसभा क्षेत्र के विधायक,स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के निर्वाचन क्षेत्र का हे। यह इसी तस्वीरें हे जो सिस्टम की नाकामी तो उजागर करती ही हे साथ ही जनप्रतिनिधियों की क्षेत्र के प्रति उदासीनता को भी दर्शाती हे।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम खेरी मुगली में शांति धाम तक पहुंचने के लिए कई वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है। खासकर बारिश के मौसम में रास्ता खराब होने के कारण शव को अंतिम संस्कार के लिए शांति धाम तक ले जाने में परिजनों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

हाईवे पर रखी अर्थी, वाहनों की आवाजाही प्रभावित
शांति धाम तक रास्ता नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने ग्राम बटेरा के पास नेशनल हाईवे पर अर्थी रख दी। ग्रामीणों ने सड़क पर ही अंतिम संस्कार करने की तैयारी शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलने के बाद मौके पर बरेली पुलिस पहुंची।
पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर हाईवे पर अंतिम संस्कार करने से होने वाली परेशानी और यातायात व्यवस्था को देखते हुए उन्हें समझाइश दी। पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीण नर्मदा नदी के घाट पर अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गए। इसके बाद हाईवे से अर्थी हटाई गई और यातायात व्यवस्था सामान्य हुई।

कई वर्षों से सड़क की मांग
ग्रामीणों के मुताबिक शांति धाम तक सड़क नहीं होने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के दिनों में रास्ते की स्थिति खराब होने से अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शांति धाम तक सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी जरूरी व्यवस्था के लिए भी रास्ते की समस्या सामने आना चिंता का विषय है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शांति धाम तक सड़क निर्माण की दिशा में कार्रवाई करेगा।
फिलहाल पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीण नर्मदा नदी घाट पर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए और हाईवे पर बना गतिरोध समाप्त हो गया।