टोल टैक्स बढ़ा, लेकिन सड़क की हालत जस की तस
एक दिन पहले गड्ढे में स्कूटी का पहिया आने से दो गंभीर घायल, गड्ढे बचाने के फेर में कार 10 फीट गहरी खाई में गिरी
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 इन दिनों राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। लगातार बारिश के बाद हाईवे के करीब 40 किलोमीटर हिस्से में जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। बालमपुर घाटी से बेरखेड़ी, दीवानगंज होते हुए त्रिमूर्ति चौराहे तक सड़क पर हजारों गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और कई स्थानों पर प्रतिदिन 2 से 3 दुर्घटनाएं होने की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं होने से वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
हाईवे की बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक दिन पहले ही ओवरब्रिज पर बने गहरे गड्ढे में स्कूटी का पहिया आने से भोपाल निवासी दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का इलाज जारी है। वहीं पिछले सप्ताह गड्ढे से बचने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर करीब 10 फीट गहरी खाई में जा गिरी थी, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गड्ढों की मरम्मत नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे में जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है।
8 से 10 इंच गहरे गड्ढे, पानी भरने से पता नहीं चलता
बारिश के बाद कई गड्ढों में पानी भर गया है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ गड्ढे 8 से 10 इंच तक गहरे हैं। कई स्थानों पर बस और ट्रक के पहिए तक इनमें धंस जाते हैं। पानी भरने के कारण वाहन चालकों को गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। अचानक पहिया गड्ढे में जाने से दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोकर सड़क पर गिर रहे हैं।
सबसे ज्यादा खराब स्थिति दीवानगंज पुरानी चौकी, नई चौकी, दाल मिल चौराहा, बालमपुर चौराहा, कुल्हड़िया और बालमपुर घाटी क्षेत्र में बताई जा रही है। रात के समय स्ट्रीट लाइट और पर्याप्त रोशनी नहीं होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।

15 हजार से ज्यादा वाहन रोज गुजरते हैं
भोपाल को विदिशा और सागर से जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग से प्रतिदिन करीब 15 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। भारी यातायात के बावजूद सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भोपाल से सलामतपुर तक कई हिस्सों में सड़क की हालत बेहद खराब है, जबकि सलामतपुर से विदिशा की ओर नया मार्ग तैयार हो चुका है।
ग्रामीणों के अनुसार हाईवे के चौड़ीकरण और सुधार कार्य को मंजूरी मिलने की बात सामने आ चुकी है, लेकिन अभी तक धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है। लोगों का सवाल है कि जब तक नया निर्माण शुरू होगा, तब तक इस जर्जर सड़क से गुजरने वाले कितने और लोग हादसों का शिकार होंगे।
टोल टैक्स बढ़ा, सड़क सुविधा नहीं सुधरी
भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर वाहन चालकों से लगातार टोल टैक्स वसूला जा रहा है। आरएमएन टोल टैक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 1 सितंबर से टोल दरों में बढ़ोतरी की गई है। अब हल्के कमर्शियल वाहनों से 65 रुपए, खाली या भरे ट्रकों से 165 रुपए और मल्टी एक्सल वाहनों से 325 रुपए तक टोल लिया जा रहा है।
वाहन चालकों का कहना है कि टोल वसूली नियमित रूप से हो रही है, लेकिन सड़क की मरम्मत और रखरखाव के मामले में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा। लोगों ने एमपीआरडीसी और संबंधित एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि टोल लिया जा रहा है तो सड़क की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
15 दिनों में कई जगह बिगड़ी हालत
कुल्हड़िया निवासी पवन प्रजापति ने बताया कि बालमपुर घाटी से त्रिमूर्ति चौराहे तक पिछले करीब 15 दिनों में कई बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई जगह पांच-छह गड्ढे एक साथ हैं। इन्हें बचाने के प्रयास में वाहन चालक अचानक दूसरी लेन में पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
दीवानगंज निवासी सुरेंद्र नायक ने बताया कि वे रोज दीवानगंज से विदिशा अप-डाउन करते हैं। रास्ते में कई जगह गहरे गड्ढों में पानी भरा रहता है। पानी के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन चालकों को अचानक झटका लगता है। उन्होंने तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की।
जनता की मांग—युद्ध स्तर पर भरवाए जाएं गड्ढे
ग्रामीणों और वाहन चालकों ने एमपीआरडीसी एवं जिला प्रशासन से हाईवे-18 के सभी गड्ढों को तत्काल भरवाने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि चौड़ीकरण और नए निर्माण में समय लग सकता है, लेकिन तब तक मौजूदा सड़क को सुरक्षित रखना जरूरी है। बारिश के दौरान गड्ढों की स्थिति और बिगड़ने से हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।