– 20 विद्यार्थी रोज इसी मार्ग से होकर स्कूल आते जाते हैं।
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
एक ओर सरकार हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का दावा कर रही है, वहीं सांची विकासखंड की नरखेड़ा ग्राम पंचायत का खेड़ा गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। करीब 2 किलोमीटर का कच्चा मार्ग बरसात में दलदल में बदल जाता है, जिससे पूरा गांव लगभग चार महीने तक मुख्य सड़क से कट जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से आवेदन, जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें करने के बावजूद अब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हो सका।
बारिश शुरू होते ही हालात इतने खराब हो जाते हैं कि ग्रामीणों को पहले से चार महीने का राशन घर में जमा करना पड़ता है। यदि किसी महिला को प्रसव पीड़ा हो जाए या कोई गंभीर रूप से बीमार पड़ जाए तो उसे बैलगाड़ी के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है, क्योंकि इस रास्ते पर बाइक और चारपहिया वाहन भी नहीं चल पाते।

20 विद्यार्थियों का रोज का संघर्ष
खेड़ा गांव से प्रतिदिन करीब 20 विद्यार्थी दीवानगंज हाई सेकेंडरी स्कूल, बेरखेड़ी चौराहा और नरखेड़ा स्कूल पढ़ने जाते हैं। गांव के स्कूल भवन के क्षतिग्रस्त होने के बाद बच्चों को पिछले वर्ष नरखेड़ा स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन अब वहां तक पहुंचना भी बड़ी चुनौती बन गया है। बारिश में बच्चे कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचते हैं और कई बार कपड़े व किताबें भी खराब हो जाती हैं।
जनसहयोग से डाली मुरम भी बेकार
ग्रामीणों और सरपंच ने पिछले वर्ष चंदा एकत्र कर सड़क पर लाल मुरम डलवाई थी, ताकि पैदल चलने वालों को राहत मिल सके। लेकिन बरसात में मुरम बह गई और रास्ता पहले से भी अधिक खराब हो गया। ज्यादा बारिश होती है तो बीच में बनी पुलिया बह जाती है जिससे और ज्यादा समस्या खड़ी हो जाती है।
स्थानीय निवासी प्रियंका ने बताया कि वह प्रतिदिन बालमपुर स्कूल पढ़ाने जाती हैं। साथ में अमृता, अभिषेक सहित कई विद्यार्थी भी इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं। बारिश में रास्ते कीचड़ से भर जाता है, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी होती है और कपड़े तक खराब हो जाते हैं।

स्थानीय निवासी मुकेश लोधी का कहना है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी गांव सड़क के लिए तरस रहा है। कई बार जनसुनवाई में आवेदन दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सरपंच बोले—कई बार दिए आवेदन, फिर भी नहीं हुई सुनवाई
नरखेड़ा सरपंच रामदयाल लोधी ने बताया कि ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने तहसील से लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय तक कई बार सड़क निर्माण के लिए आवेदन दिए हैं, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों और मरीजों को झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत खेड़ा गांव तक 2 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।