इंदौर की ग्राम पंचायत काली बिल्लोद में कचरे से बन रहा फर्नीचर, केंद्रीय संयुक्त सचिव ने किया निरीक्षण
सी के पारे
इंदौर ।जिले के काली बिल्लोद स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और पुनर्चक्रण का मॉडल बनकर उभर रहा है। यहां एकत्रित कचरे का पृथक्करण कर जैविक अपशिष्ट से खाद तैयार की जा रही है, वहीं अनुपयोगी कचरे से फर्नीचर जैसे उपयोगी उत्पाद भी बनाए जा रहे हैं। इस नवाचार और व्यवस्थाओं का निरीक्षण केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की संयुक्त सचिव एश्वरीय सिंह ने किया।
निरीक्षण के दौरान एश्वरीय सिंह ने काली बिल्लोद स्थित एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का दौरा कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी कचरा प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बन रहा है।
जानकारी के अनुसार काली बिल्लोद, रणमत बिल्लोद और सलमपुर ग्राम पंचायतों से प्रतिदिन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण किया जाता है। केंद्र पर कचरे का पृथक्करण कर जैविक अपशिष्ट से खाद तैयार की जाती है, जबकि अन्य अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत बेकार समझे जाने वाले कचरे से फर्नीचर और अन्य उपयोगी सामग्री भी तैयार की जा रही है, जिससे कचरे के पुन: उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जैन, राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मिशन संचालक दिनेश जैन, देपालपुर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी पूजा मालाकार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।