राज्य सरकार की गांवों को आत्मनिर्भर एवं स्वच्छ बनाने वाली कल्याणकारी योजनाओं पर दाग लगाते ग्राम पंचायत चोटियां बालोद के सरपंच सचिव
सीईओ साहब एक नजर इधर भी
मनोज बैरागी सरदारपुर धार
ग्राम पंचायत चोटिया बालोद में एक बड़ी समस्या उभर कर सामने आई है। यहाँ की पंचायत में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जो सीधे तौर पर जाम पड़ी नालियों और सड़क पर जमा पानी की ओर इशारा करती है। यह न केवल गन्दगी को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए भी बड़ी परेशानी का सबब बन गई है
मुख्य सड़क पर ही पानी जमा होने से यातायात बाधित होता है। गंदे पानी की निकासी न होने से सड़क के किनारे भी गंदगी का अंबार लग गया है, जिससे बिमारियों के फैलने का खतरा बढ़ रहा है। प्रशासन और स्थानीय पंचायत को इस समस्या का शीघ्र समाधान करने के लिए कदम उठाने चाहिए। नालियों की सफाई के साथ-साथ सड़क मरम्मत का कार्य भी शुरू किया जाना चाहिए ताकि जलभराव की समस्या से निपटा जा सके। लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ऐसी स्थितियों को दूर किया जा सके।
किसी भी क्षेत्र के विकास का रास्ता वहां की सड़कों से होकर गुजरता है। यही वजह है कि सरकारें गांवों से लेकर शहरों तक सीमेंट कंक्रीट (CC) रोड का जाल बिछा रही हैं। सीसी रोड अपनी मजबूती और लंबे जीवनकाल के लिए जानी जाती हैं। लेकिन तकनीकी नियमों को ताक पर रखकर किए जाने वाले अधूरे निर्माण के कारण, ये चमचमाती सड़कें आज सहूलियत के बजाय मुसीबत का सबब बन चुकी हैं। सड़क के दोनों ओर नाली न बनाना और उसके किनारों (बॉर्डर) को खाली छोड़ देना एक ऐसी ही गंभीर समस्या है।
जल निकासी (Drainage) एवं रोड बॉर्डर भराव न होने के दुष्परिणाम
कंक्रीट सड़क बनाते समय सबसे पहला नियम यह होता है कि पानी के बहाव के लिए दोनों तरफ नालियों का निर्माण किया जाए नली निर्माण के अभाव में बारिश का पानी सड़क से उतरकर सीधे उसके किनारों पर जमा हो जाता है। इससे कंक्रीट के नीचे की मिट्टी बह जाती है और सड़क नीचे से खोखली होने लगती है। ओर वजनदार वाहन निकलने पर रोड क्षतिग्रस्त हो जाता है वही ज्यादा समय तक पानी जमा होने पर मच्छर पनपने डर रहता है जिसकी वजह से आम जनता में बीमारी का भय सदैव बना रहता है सड़क की ऊंचाई सामान्य जमीन से अधिक होने के कारण, बारिश का सारा पानी आस-पास के घरों और दुकानों में घुस जाता है, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो जाता है। वर्षा ऋतु शुरू हो गई है अगर अभी भी पंचायत द्वारा निराकरण नहीं किया जाता तो इसका नुकसान आम जनता को कितना पड़ेगा