मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की दिशा में दीवानगंज क्षेत्र के किसान तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। क्षेत्र के अनेक किसान अब खेतों की समतलीकरण प्रक्रिया के लिए लेजर लैंड लेवलर मशीन का उपयोग कर रहे हैं। इससे न केवल सिंचाई के पानी की बचत हो रही है, बल्कि फसल उत्पादन में वृद्धि और खेती की लागत में कमी भी देखने को मिल रही है।
किसानों का कहना है कि पहले खेत ऊंचे-नीचे होने के कारण सिंचाई का पानी एक जगह अधिक और दूसरी जगह कम पहुंचता था, जिससे फसल की वृद्धि प्रभावित होती थी। लेजर लैंड लेवलर से खेत पूरी तरह समतल होने पर पानी का समान वितरण हो रहा है और सिंचाई में लगने वाला समय भी कम हो गया है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लेजर तकनीक से खेत समतल करने पर 20 से 30 प्रतिशत तक पानी की बचत संभव है। साथ ही बीज और उर्वरकों का बेहतर उपयोग होने से उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है। यही कारण है कि क्षेत्र के किसान पारंपरिक तरीकों को छोड़ आधुनिक कृषि उपकरणों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, निनोद और आसपास के गांवों में कई किसान खरीफ सीजन से पहले अपने खेतों को लेजर लैंड लेवलर से समतल कराने में जुटे हुए हैं। किसानों का मानना है कि बढ़ती लागत और जल संकट के दौर में यह तकनीक खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मददगार साबित होगी।

पानी बचेगा, उत्पादन बढ़ेगा
विशेषज्ञों का कहना है कि समतल खेतों में वर्षा और सिंचाई का पानी समान रूप से फैलता है, जिससे फसल की जड़ों को पर्याप्त नमी मिलती है। इससे फसल का विकास बेहतर होता है और पैदावार बढ़ने की संभावना रहती है।
किसानों की बढ़ी रुचि
क्षेत्र में लेजर लैंड लेवलर की मांग लगातार बढ़ रही है। कई किसान निजी स्तर पर मशीन किराए पर लेकर खेत समतल करा रहे हैं, जबकि कुछ किसान समूह बनाकर भी इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं।
खेती में आधुनिक तकनीक का बढ़ता उपयोग यह संकेत दे रहा है कि अब क्षेत्र के किसान कम लागत में अधिक उत्पादन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।